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प्रधानमंत्री मोदी आज नई दिल्ली में जी-20 देशों के संसदीय पीठासीन अधिकारियों के नौवें शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे

धानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्‍ली में यशोभूमि में जी-20 देशों के संसदीय पीठासीन अधिकारियों की बैठक- पी 20 को संबोधित करेंगे। भारत की जी-20 अध्‍यक्षता की थीम के अनुरूप 9वीं पी-20 शिखर सम्‍मेलन की थीम है- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्‍य के लिए संसद।

दो दिन के इस वैश्विक आयोजन में सदस्‍य देशों की संसदों के 25 अध्‍यक्ष, 10 उपाध्यक्ष और 50 सदस्‍य भाग लेंगे। अफ्रीकी संसद के प्रतिनिधि भी पहली बार भारत में जी-20 आयोजन में भाग लेंगे।

पी-20 सम्‍मेलन से पहले कल यशोभूमि में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली पर संसदीय फोरम की बैठक हुई। बैठक में लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और इसका प्रभाव मानव जाति के साझा भविष्य से जुडा है। उन्होंने कहा कि भारत की पहल पर पर्यावरण से जुड़े मुद्दे सर्वसम्मति ‍से सम्‍मेलन में मुख्य विचार-विमर्श के लिए रखे गए हैं।

उन्होंने ने कहा कि मिशन जीवनशैली पर्यावरण संरक्षण के लिए समय की आवश्‍यकता है। इस मिशन ने विश्व को समकालीन चुनौतियों से निपटने की दिशा दिखाई है।

व्यक्तिगत दायित्वों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल नीतियां और कानून जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, प्रत्‍येक व्‍यक्ति को अपने दैनिक जीवन में बदलाव लाकर इस दिशा में सामूहिक योगदान करना होगा।

ऑस्‍ट्रेलिया, संयुक्‍त अरब अमीरात और बंगलादेश के संसदीय अधिकारियों ने पी-20 बैठक से अलग लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। श्री बिरला ने जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत की प्राथमिकताओं और पहल को समर्थन देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। लोकसभा अध्‍यक्ष ने आज के आयोजन से अलग कई द्विपक्षीय बैठकें की।

इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि जीवन शैली में सकारात्मक बदलाव के लिए मिशन लाईफ को एक व्यापक वैश्विक अभियान बनाए जाने की जरूरत है। उन्होंने संसदीय प्रतिनिधियों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पथ-प्रदर्शक की भूमिका निभाने का आग्रह किया।