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धर्म परिवर्तन केस राहिल दिल्ली-एनसीआर में 19 युवतियों को बरगलाने में लगा था ,सुरक्षा एजेंसियां तीनों का आतंकी लिंक भी खंगाल रही

गाजियाबाद की खोड़ा की युवती का धर्मांतरण कराने वाला मोहम्मद राहिल दिल्ली-एनसीआर की 19 अन्य युवतियों को भी बरगलाने में लगा था। वह उन सभी से अलग-अलग समय पर चैट व ऑनलाइन वीडियो कॉल करता था। पुलिस को उसके फोन से इन युवतियों की जानकारी मिली है।

तीनों आरोपियों के फोन स्पेशल टीम को जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस को चार मुस्लिम लोगों के नाम पता लगे हैं, जो इनके संपर्क में काफी लंबे समय से थे। इनके अलावा मुशीर व अब्दुल्ला के संपर्क में रहे पांच दोस्तों का भी पुलिस पता कर रही है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां तीनों का आतंकी लिंक भी खंगाल रही हैं। तीनों लोग जिन जगहों में ज्यादा आते-जाते थे।

पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर की ऐसी 15 लोकेशन की जानकारी भी सुरक्षा एजेंसियों को भेजी है। टीम को राहिल के फोन से जिन 19 युवतियों के नंबर मिले हैं। उनमें से पुलिस ने रविवार को नोएडा की एक युवती से पूछताछ की। पुलिस ने धर्मांतरण, निकाह और राहिल के बारे में गहनता से कई सवाल पूछे।

हालांकि, युवती ने ऐसी किसी भी बात से इन्कार किया जैसा खोड़ा की युवती के साथ हो चुका है। बाकी 18 युवतियों के नामों के अलावा उनके घर का पता और लोकेशन पुलिस पता कर रही है।

पुलिस की एक टीम राहिल, मुशीर और अब्दुल्ला के बैंक अकाउंट की भी जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि तीनों को विदेशी फंडिंग तो नहीं हो रही या फिर इनके पैसे के स्रोत क्या है। खोड़ा पुलिस की जांच में आया कि अब्दुल्ला और मुशीर की मुलाकात फरीदाबाद में हुई थी।

उसने वहां कई महीने क्लीनिक चलाया था। तभी मस्जिद में आते-जाते उसकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद से अब्दुल्ला ने ही मुसीर को राहिल से मिलाया। तीनों एक साथ आने के बाद युवतियों को बहला-फुसलाने लगे। उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर धर्म बदलने के लिए मजबूर कर देते थे।

मदरसे को वेतन का 2.5 प्रतिशत देने के लिए कहते थे तीनों 
जांच में सामने आया कि तीनों अपने संपर्क वाले लोगों को वेतन का ढाई प्रतिशत मदरसे में देने के लिए कहते थे। वह बैंक में पैसे जमा करने, शेयर मार्केट में निवेश या फिर किसी भी तरह पैसे एकत्र करने से मना करते थे। राहिल कंपनी से छुट्टी लेकर अलग-अलग जगह जमात में भी जाता था।

वह अपनी बातों में युवती से बटला हाउस जाने का ज्यादा जिक्र करता था। उसके जमात में जाने की जगह संगठन के बड़े लोग तय करते थे। वह युवती को एक राजनीतिक पार्टी से लेकर मीडिया और सभी लोगों के खिलाफ भड़काता था। मुशीर और अब्दुल्ला के मोबाइल से मिले 60 नंबरों की अब पुलिस गहन जांच कर रही है।

अमर उजाला