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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला वेदांत पॉली फैब्स का आईपीओ, 9 नवंबर को हो सकती है लिस्टिंग

नई दिल्ली, 02 नवंबर। फ्लैक्सिबल पैकेजिंग मैटेरियल्स का निर्माण करने और कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री को 3-लेयर तथा 5-लेयर एलडी फिल्म्स, श्रिंक फिल्म्स, बैरियर फिल्म्स, प्रिंटेड लैमिनेट्स सहित मिल्क एवं ऑयल पाउच की आपूर्ति करने वाली कंपनी वेदांत पॉली फैब्स लिमिटेड का 56.68 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। कंपनी मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल पर काम करती है। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 11:30 बजे तक इस आईपीओ को 18 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

कंपनी के इस आईपीओ में निवेशक 4 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 5 नवंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 6 नवंबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन जिन निवेशकों को शेयर का अलॉटमेंट नहीं हुआ होगा, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 9 नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

आईपीओ में बोली लगाने के लिए 88 से लेकर 94 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयरों का है। रिटेल इंवेस्टर्स इस इश्यू में कम से कम दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 2,25,600 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 60.30 लाख शेयर जारी किए जा रहे हैं। इस इश्यू के तहत 51.01 करोड़ रुपये मूल्य के 54.26 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि प्रमोटर सेथसावरिया पॉली फैब एलएलपी द्वारा 5.67 करोड़ रुपये मूल्य के 6.04 लाख शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए की जा रही है।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए कुल नेट ऑफर का 1.19 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए सबसे बड़ा यानी 59.32 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 39.49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस पूरे इश्यू के लिए एफिनिटी ग्लोबल कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि कैमीओ कॉर्पोरेट सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

आईपीओ के तहत शेयरों की बिक्री से जुटाए गए इस पैसे में से 24.61 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा 6.51 करोड़ रुपये की राशि मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्लांट और मशीनरी की खरीदारी और इंस्टॉलेशन के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर के रूप में खर्च की जाएगी, जबकि 8 करोड़ रुपये का उपयोग पुराने कर्ज के बोझ को करने में किया जाएगा। इसके बाद शेष बची राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों तथा इश्यू के खर्चों की भरपाई करने में किया जाएगा।

वेदांत पॉली फैब्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान उतार-चढ़ाव होने के बावजूद मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 64 लाख रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 4.56 लाख रुपये रह गया। हालांकि अगले वित्त वर्ष 2025-26 में इसमें जबरदस्त रिकवरी आई और यह बढ़ कर 10.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 3.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 49.73 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 81.58 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू कलेक्शन 41 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 115.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 30.49 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार इजाफा देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 6.35 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 13.32 करोड़ रुपये हो गया और अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह उछल कर 46.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 44.81 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।

कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान लगातार मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 18.88 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 55.40 करोड़ रुपये हो गई और वित्त वर्ष 2025-26 में और छलांग लगा कर 97.80 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 100.88 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूती बनाई है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 3.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में बढ़ कर 4.57 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में यह शानदार उछाल के साथ 27.53 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक यह और मजबूत होकर 30.88 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 3.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 15.42 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में तेज छलांग लगा कर 42.26 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का नेटवर्थ 45.60 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी का ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) वित्त वर्ष 2023-24 में 1.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 7.74 करोड़ रुपये हो गया और वित्त वर्ष 2025-26 में और मजबूत होकर 19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 6.59 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।