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राष्ट्रपति ने 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, पंजाब और तमिलनाडु के लोगों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में राष्ट्रपति ने कहा कि इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अलग-अलग परंपराओं के साथ भारत के विकास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों की खुशहाली और भलाई के लिए भी शुभकामनाएं दीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 1 नवंबर को स्थापना दिवस मनाने वाले विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के नागरिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, पंजाब और तमिलनाडु के लोगों को उनके स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध परंपराओं और विशिष्ट पहचान के माध्यम से भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता उसकी विविधता में निहित है और प्रत्येक राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश अपनी अलग पहचान के साथ राष्ट्रीय प्रगति की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। राष्ट्रपति ने इन क्षेत्रों के नागरिकों की निरंतर खुशहाली, समृद्धि और कल्याण के लिए भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे तथा देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

गौरतलब है कि 1 नवंबर भारत के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास की दृष्टि से महत्वपूर्ण तारीख है। इस दिन कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के दौरान भाषाई और प्रशासनिक आधार पर देश के राज्यों की सीमाओं में व्यापक बदलाव किए गए थे। इसी ऐतिहासिक प्रक्रिया से कई राज्यों की वर्तमान प्रशासनिक पहचान विकसित हुई। छत्तीसगढ़ का गठन 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर हुआ था। वहीं उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड और बिहार से अलग होकर झारखंड का गठन भी इसी वर्ष नवंबर में हुआ था। मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों की स्थापना से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं भी 1 नवंबर की तारीख को विशेष महत्व प्रदान करती हैं।

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सांस्कृतिक पहचान भी देश की विविधता को दर्शाती है। आंध्र प्रदेश अपनी तेलुगु भाषा, साहित्य, कला और ऐतिहासिक धरोहर के लिए जाना जाता है। कर्नाटक की पहचान कन्नड़ साहित्य, शास्त्रीय संगीत, स्थापत्य कला और तकनीकी विकास से जुड़ी है। केरल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आयुर्वेद, शिक्षा और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। तमिलनाडु की प्राचीन मंदिर स्थापत्य कला, तमिल भाषा और शास्त्रीय परंपराएं भारतीय संस्कृति को विशेष पहचान देती हैं। पंजाब की वीरता, कृषि परंपरा और लोक संस्कृति देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

इसी तरह मध्य प्रदेश को ऐतिहासिक स्मारकों, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है, जबकि छत्तीसगढ़ अपनी जनजातीय विरासत, लोककलाओं, वनों और खनिज संसाधनों के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। हरियाणा ने कृषि, खेल और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप समुद्री जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। चंडीगढ़ आधुनिक शहरी नियोजन का उदाहरण है, जबकि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ राजनीतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। पुडुचेरी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है।

राष्ट्रपति का यह शुभकामना संदेश देश की संघीय व्यवस्था, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता के महत्व को रेखांकित करता है। स्थापना दिवस केवल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के गठन को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उनकी ऐतिहासिक यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के विकास लक्ष्यों पर विचार करने का भी दिन है।