उत्तर कोरिया ने सुसाइड ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और 600 मिमी रॉकेट लॉन्चर का प्रदर्शन, दिखाई सैन्य ताकत
सियोल, 31 अक्टूबर । उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए सुसाइड अटैक ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और 600 मिलीमीटर के विशाल मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का प्रदर्शन किया है। इस सैन्य प्रदर्शनी में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन भी मौजूद रहे। यह प्रदर्शनी गुरुवार को मानवरहित हवाई तकनीक से जुड़े कार्यक्रम के दौरान आयोजित की गई। इसमें कई तरह के रणनीतिक और सामरिक ड्रोन, सुसाइड अटैक ड्रोन और आधुनिक हथियार प्रणालियां प्रदर्शित की गईं।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप
ने बताया कि प्रदर्शनी में सामरिक सुसाइड अटैक ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और 600 मिमी के मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर को भी दिखाया गया। इस रॉकेट लॉन्चर को ‘स्नाइपर’ नाम दिया गया है। इसका पहली बार सार्वजनिक रूप से फायरिंग अभ्यास के दौरान प्रदर्शन किया गया।
रिपाेर्ट में उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने दावा किया कि सुसाइड अटैक ड्रोन और मल्टीपर्पस ड्रोन से दागे गए हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियारों तथा क्रूज मिसाइलों ने एक द्वीप पर निर्धारित लक्ष्यों को 100 प्रतिशत सटीकता से निशाना बनाया। प्रदर्शनी के दौरान किम जोंग-उन ने आधुनिक युद्ध में मानवरहित हवाई तकनीक की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने देश की ड्रोन क्षमताओं को तेजी से विकसित करने और रक्षा क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
किम ने वैज्ञानिक समुदाय से मानवरहित हवाई तकनीक और रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल को लेकर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की अपील की। उन्होंने प्रदर्शनी पर संतोष जताते हुए देश की सैन्य क्षमताओं और रक्षा उद्योग को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
हथियारों की प्रदर्शनी ऐसे समय में हुई, जब दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने गुरुवार को उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी सागर की दिशा में करीब 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का पता लगाया।
दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इन प्रक्षेपणों में उत्तर कोरिया के केएन-25 सुपर-लार्ज 600 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। वहीं, उत्तर कोरिया का दावा है कि इस लॉन्चर में उसके ‘हवासान-31’ सामरिक परमाणु वॉरहेड भी लगाए जा सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को किया गया यह प्रक्षेपण इस साल उत्तर कोरिया का 17वां बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण था। इससे पहले 12 अक्टूबर को भी उत्तर कोरिया ने मिसाइल परीक्षण किया था।

