दिल्ली सीमा शुल्क अधिकारियों ने 8.12 करोड़ की 23 किलोग्राम से अधिक हाइड्रोपोनिक भांग जब्त की
दिल्ली सीमा शुल्क अधिकारियों ने नई दिल्ली के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में तस्करी के एक और बड़े प्रयास को विफल किया है । 21/22 अक्टूबर, 2026 के बीच वाली रात को अधिकारियों ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ चल रही जांच में एक और बड़ी सफलता हासिल की। शुरुआती परीक्षण में बरामद पदार्थ की पहचान हाइड्रोपोनिक मारिजुआना (हाइड्रो भांग) के रूप में हुई। कुल मिलाकर 23.220 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद कर जब्त किया गया है।
जब्त किए गए नशीले पदार्थों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग ₹8.12 करोड़ है, जबकि भारत में इनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब ₹23 करोड़ है। तस्करी में इस्तेमाल होने वाले इन नशीले पदार्थों और पैकेजिंग सामग्री को स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है।
बैंकॉक से 148.675 किलोग्राम गांजा जब्त करने की पिछली कार्रवाई के दौरान मिली खुफिया जानकारी के आधार पर, सीमा शुल्क अधिकारियों ने बैंकॉक से आ रही एक और संदिग्ध आयात खेप को जब्त किया, जिसे लैंप्स होने की सूचना दी गई थी। पिछली जब्ती से एक बड़े तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ और इसके फलस्वरूप तीन राज्यों की 11 जगहों पर समन्वित कार्रवाई की एक श्रृंखला शुरू हुई।
15 अक्टूबर, 2026 को पहली जब्ती में गिरफ्तार किए गए शख्स से जुड़े एक व्यक्ति से पूछताछ के बाद खेप की जांच शुरू हुई। आयातक की उपस्थिति में खेप की विस्तृत जांच में लकड़ी के पैलेट पर कई लैंप्स लगे पाए गए। हालांकि सामान देखने में हानिरहित लग रहा था, लेकिन एक्स-रे इमेजिंग में असामान्य पैटर्न दिखाई दिए। आगे की जांच में अधिकारियों ने लकड़ी के पैलेट के आधार को खोला, जिसके परिणामस्वरूप पैलेट संरचना के भीतर छिपाए गए संपीड़ित हरे पत्तेदार पदार्थ से भरे 23 वैक्यूम-सील्ड पैकेट बरामद हुए।
मौजूदा अभियान के परिणामस्वरूप 22 अक्टूबर, 2026 को एक और शख्स को गिरफ्तार किया गया, जिसे उसी दिन देर शाम संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। आगे की जांच जारी है। इस ताजा बरामदगी के साथ, दिल्ली सीमा शुल्क ने चल रही जांच में लगभग 172 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए हैं और दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे तस्करी नेटवर्क को महत्वपूर्ण झटका लगा है।

