दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हार पर बोले ट्रेविस हेड-बड़ी साझेदारियां बनाना जरूरी
केपटाउन, 24 अक्टूबर ।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट में हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड ने टीम की बल्लेबाजी में सामूहिक योगदान की कमी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग बल्लेबाजों ने अच्छी पारियां खेली हैं, लेकिन टीम बड़ी साझेदारियां बनाने में नाकाम रही है। हेड को उम्मीद है कि न्यूलैंड्स में होने वाले अगले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया इस कमजोरी को दूर करेगा।
गकेबरहा टेस्ट में मिली हार पर हेड ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से बातचीत में बेबाक अंदाज में कहा, “हमारा एक दिन बेहद खराब रहा। अगर हम 99 रन पर आउट नहीं हुए होते, तो बहुत संभव था कि टेस्ट ड्रॉ हो जाता। हमने क्या गलत किया, यह बिल्कुल स्पष्ट है।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एक मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम का पूरा सप्ताह खराब रहा।
बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए चार टेस्ट मैचों की सात पारियों में छह बार ऑस्ट्रेलिया के किसी बल्लेबाज ने 50 या उससे अधिक रन बनाए। हेड ने गकेबरहा में 121 रन की पारी खेली। इससे पहले कैमरन ग्रीन ने डार्विन में 104 और मैके में 67 रन बनाए थे। मैथ्यू रेनशॉ ने डरबन में 190 और 82 रन की पारियां खेलीं, जबकि स्टीव स्मिथ ने डार्विन में दूसरी पारी में 71 रन बनाए।
हालांकि, इन प्रदर्शनों के बावजूद टीम को लगातार सामूहिक सफलता नहीं मिली। गकेबरहा में ऑस्ट्रेलिया की एक पारी 99 रन पर सिमट गई, जिसमें स्मिथ का 28 रन सर्वोच्च स्कोर था।
हेड ने कहा, “हमने इस सीरीज से पहले भी इस बारे में बात की थी। हर बार एक अलग खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हम टीम के रूप में वैसी सामूहिक बल्लेबाजी नहीं कर पाए, जैसी हमें चाहिए।”
उन्होंने कहा कि रेनशॉ की पिछली सप्ताह की पारी शानदार थी और ऐसे व्यक्तिगत प्रदर्शन मैच जिताने में अहम होते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि बाकी बल्लेबाजों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।
हेड के मुताबिक, हाल के टेस्ट मैचों में शीर्ष पांच बल्लेबाजों के बीच बड़ी साझेदारियों की कमी साफ दिखाई दी है। गकेबरहा की दूसरी पारी में हेड और मार्नस लाबुशेन के बीच 92 रन की साझेदारी शीर्ष पांच बल्लेबाजों के बीच 50 या उससे अधिक रन की केवल चौथी साझेदारी थी।
इसके विपरीत, पिछली एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने जिन चार टेस्ट मैचों में जीत हासिल की थी, उनमें प्रत्येक में शीर्ष पांच बल्लेबाजों के बीच कम से कम 80 रन की साझेदारी बनी थी।
हेड ने कहा, “लंबे समय से बड़ी साझेदारियां बनाना हमारी टीम की ताकत रही है। इससे मैच जीते जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में हम ऐसा नहीं कर पाए हैं। इसकी वजह बताना मुश्किल है। हम चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमणों का सामना कर रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि हम प्रयास नहीं कर रहे।”
गकेबरहा में हेड ने 155 गेंदों पर शतक पूरा किया। यह 2019 में अपने शुरुआती दो टेस्ट शतकों के बाद उनका सबसे धीमा शतक था। उन्होंने कहा कि लगातार गेंदबाजी करने के कारण थके हुए गेंदबाजों का सामना करने से उन्हें मदद मिली।
कैमरन ग्रीन और जोश इंग्लिस की उपलब्धता के बीच अगले टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम में बदलाव की चर्चा है। रेनशॉ की वापसी से हेड के साथ पारी की शुरुआत करने का विकल्प बन सकता है, जबकि ग्रीन को टीम में जगह मिल सकती है।
बल्लेबाजी क्रम के बारे में हेड ने कहा, “मुझे पहले और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने में कोई अंतर नहीं दिखता। गेंद वही लाल गेंद होती है और आपको अपने कौशल का लगातार बेहतर इस्तेमाल करना होता है। कभी आप तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद उतरते हैं, कभी दूसरी नई गेंद का सामना करते हैं और कभी अच्छी स्थिति में बल्लेबाजी करने आते हैं। क्रम चाहे जो हो, प्रक्रिया वही रहती है।”
अब ऑस्ट्रेलिया की कोशिश न्यूलैंड्स टेस्ट में व्यक्तिगत प्रदर्शन को सामूहिक योगदान में बदलने और बड़ी साझेदारियां बनाकर वापसी करने की होगी। दोनों टीमों के बीच तीसरा टेस्ट केपटाउन में 27 अक्टूबर से खेला जाएगा, अभी तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर है।

