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बोनफिग्लियोली की स्टॉक मार्केट में फ्लैट लेवल पर शुरूआत, मामूली मुनाफे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर । मैकेनिकल और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल पावर ट्रांसमिशन एवं इंडस्ट्रियल ड्राइव सॉल्यूशंस प्रदान करने और विभिन्न उद्योगों के लिए हाई-प्रेसिजन गियरबॉक्स व ड्राइव सिस्टम का निर्माण करने वाली देश की दिग्गज कंपनी बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयरों ने शुक्रवार को स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 586 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार-चढ़ाव के बिल्कुल सपाट स्तर पर यानी 586 रुपये पर ही हुई।

सपाट लिस्टिंग के बाद हुई मामूली लिवाली के सपोर्ट से यह शेयर कुछ ही देर में उछल कर 607 रुपये के स्तर तक पहुंचने में सफल रहा। हालांकि इसके बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हो जाने के कारण यह टूटकर 527.40 रुपये के निचले स्तर तक गिर गया। बाजार में लगातार जारी खरीद-बिक्री के बीच दोपहर 1:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद यह शेयर निचले स्तर से रिकवरी के साथ 586.65 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 0.65 रुपये यानी 0.11 प्रतिशत के मामूली मुनाफे में थे।

इस कंपनी का 2,533.66 करोड़ रुपये का बड़ा आईपीओ 15 से 19 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से बेहद शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 32.50 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 120.68 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 40.39 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 5.90 गुना और कर्मचारियों का हिस्सा 0.97 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,32,39,042 शेयर जारी किए गए हैं। यह पूरा का पूरा आईपीओ 100 प्रतिशत ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के जरिये लाया गया था, जिसके तहत इसकी पैरेंट कंपनी ‘बोनफिग्लियोली एसपीए’ ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। चूंकि यह पूरी तरह से ओएफएस है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम बेचने वाले शेयरधारक के पास जाएगी और कंपनी को कोई नई कैपिटल या फंडिंग हासिल नहीं होगी।

बोनफिग्लियोली ट्रांसमिशन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान लगातार मजबूत सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 148.49 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 195.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछलकर 237.87 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 148.58 करोड़ रुपये का तगड़ा शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1,701.80 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,861.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 2,023.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 1,139.17 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी लगभग पूरी तरह कर्ज मुक्त रही। कंपनी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक कंपनी पर 110.79 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था। इसके बाद 2024-25 और 2025-26 के अंत तक कंपनी पर टोटल बोरोइंग (कर्ज) शून्य रुपये दर्ज की गई। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक भी कंपनी को फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स में पूरी तरह से कर्ज मुक्त दिखाया गया है।

कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 1,414.72 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बदलाव के बाद 1,299.08 करोड़ रुपये दर्ज की गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 1,439.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 में कंपनी की कुल संपत्ति और बढ़कर 1,495.82 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूत बढ़त दर्ज की। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिज़र्व और सरप्लस 670.24 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 735.62 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिज़र्व और सरप्लस बढ़कर 867.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक हालांकि यह मामूली गिरावट के साथ 846.27 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 801.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 860.95 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़कर 975.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ और मजबूत होकर 1,034.27 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार साल-दर-साल शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 243.89 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 295.07 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछलकर 370.77 करोड़ रुपये के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 223.87 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।