मप्र में ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: मौत का आंकड़ा 14 पहुंचा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
ग्वालियर, 18 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर में देवी दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में कई परिवारो के लिए आस्था का पर्व रविवार तड़के मातम में बदल गया। सप्तमी पर आधी रात के बाद चीनौर रोड की ढलान से अनियंत्रित होकर आया भारी ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचा और रास्ते में श्रद्धालुओं तथा प्रसाद की दुकानों को रौंदता चला गया। भीषण टक्कर से मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग ट्रक तथा मलबे के नीचे दब गए।
जिला प्रशासन ने हादसे में 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। अनेक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। मृतकों में बच्चे, किशोर, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। हादसे ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के इंतजामों के बावजूद ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ तक कैसे पहुंचा?
रात डेढ़ बजे मौत बनकर पहुंचा ट्रक
हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे हुआ। सप्तमी के अवसर पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें लगी थीं। दर्शन के लिए आगे बढ़ते श्रद्धालुओं और दुकानों पर खरीदारी कर रहे लोगों के बीच अचानक चीनौर की ओर से आ रहा भारी सामान से लदा ट्रक अनियंत्रित हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ढलान से नीचे आते ट्रक की चपेट में आने से लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। वाहन पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ आगे बढ़ा और श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार की दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार ढह गई। आसपास मौजूद कई लोग मलबे में दब गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
आठ मृतकों की पहचान
जिला प्रशासन के अनुसार, हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है। उपलब्ध जानकारी में आठ मृतकों के नाम सामने आए हैं। इनमें सत्येंद्र गुर्जर (22), सरला तोमर (50), गौरव परिहार (18), महेश शर्मा (45), विमलेश (18), देवेश बघेल (17), प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16) और शौर्य शर्मा (15) शामिल हैं। शेष छह मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
मृतकों में किशोरों की संख्या भी हादसे की भयावहता को उजागर करती है। दर्शन और धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचे परिवारों के लिए यह रात जीवनभर का दर्द बन गई। हादसे के बाद अस्पतालों में परिजन अपनों की तलाश करते रहे। किसी को अपने बेटे की चिंता थी, तो कोई भाई, भतीजे या दूसरे परिजन की जानकारी जुटाने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकता रहा।
घायलों का उपचार जारी, परिजनों की बढ़ी चिंता
हादसे में घायल लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उपलब्ध सूची में कौशिक पाल (25), जानवी पाल (22), यश शर्मा (11), नितेश/रीतेश (18), आशु शर्मा (19), मनीष (32), अनुज शर्मा (19), राज बहादुर (20), शुभम राठौर (21), राजेश सिंह (32), मुन्नुद्दीन खान (56), पवन राठौर (28), शिवम शर्मा (19), राजेन्द्र शर्मा (60), अनुप्रिया गोस्वामी (18), सोनू तोमर (42), शैलेंद्र तोमर (17), रवि कुशवाह (20), राधा राठौर (19), आदित्य यादव (19), विवेक राठौर (20), सब्बी (29), सावन मौर्य (33) और निकेश जाटव (18) के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा कुछ घायलों की पहचान और उम्र की जानकारी जुटाई जा रही है।
अस्पतालों में अपनों की तलाश, परिवारों में मातम
हादसे के बाद अस्पतालों में दर्दनाक दृश्य देखने को मिले। परिजन घायलों और मृतकों की जानकारी जुटाने के लिए परेशान रहे। दिव्यांश की परिजन सावित्री ने बताया कि दर्शन के बाद परिवार के लोग बाहर निकल आए थे, मगर उनकी देवरानी का बेटा दिव्यांश लापता था। काफी तलाश के बाद उसकी पहचान हो सकी। थाटीपुर निवासी निकेश के परिजन संदीप के मुताबिक, सुबह करीब पांच बजे उन्हें फोन पर भाई के घायल होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर निकेश गंभीर हालत में मिला। उसके दोनों पैर टूट गए थे और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। एक अन्य महिला अपने बेटे छोटू की तलाश में परेशान रही, जबकि उसका साथी अभिषेक घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती था।
पुलिस के स्टॉपर टूटे, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़कर मंदिर की ओर पहुंच गया। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान भी घायल हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक, हादसे से करीब 15 मिनट पहले तक एसएसपी घटनास्थल के आसपास यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसके बावजूद भारी वाहन श्रद्धालुओं के बीच पहुंच गया। मृतका सरला तोमर के भतीजे लोकेंद्र सिंह तोमर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मार्ग पर रोक लगाने के इंतजाम थे, तो ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा और उसे किसने प्रवेश दिया?
कलेक्टर बोलीं, जांच में सामने आएगी चूक की वजह
कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, ट्रक ढलान से अनियंत्रित होकर मंदिर की ओर आया। घटनास्थल पर स्टॉपर टूटे हुए मिले। ट्रक के बेकाबू होने के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच की जा रही है। प्रशासन ने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और जरूरतमंद परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से सहायता देने की बात कही है। वहीं, कलेक्टर रुचिका चौहान एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अस्पताल एवं जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। जिलाधीश चौहान एक-एक मृतक एवं घायल के परिजनों से मिलकर सांत्वना एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

