PMAY-U 2.0: 1.93 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों को मंजूरी मिली; कुल स्वीकृत घरों की संख्या 20.80 लाख तक पहुंची
शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत 1.93 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई, जिससे इस योजना के तहत स्वीकृत घरों की कुल संख्या 20.80 लाख हो गई है।
ये स्वीकृतियां केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 10वीं बैठक में प्रदान की गईं, जो नई दिल्ली में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचए) के शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
नव स्वीकृत मकान पीएमएवाई-यू 2.0 के लाभार्थी नेतृत्व निर्माण (बीएलसी) और साझेदारी में किफायती आवास (एएचपी) श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं। मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये स्वीकृतियां 11 राज्यों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित पात्र शहरी परिवारों को कवर करती हैं।
उत्तर प्रदेश को 73,182 घरों के लिए मंजूरी मिली, इसके बाद बिहार को 52,866 और पश्चिम बंगाल को 16,559 घरों के लिए मंजूरी मिली। अन्य स्वीकृतियों में गुजरात में 14,290 घर, तेलंगाना में 18,120, आंध्र प्रदेश में 6,560, छत्तीसगढ़ में 4,670, कर्नाटक में 3,116, ओडिशा में 3,126, मिजोरम में 1,003 और सिक्किम में 29 घर शामिल हैं।
इस बैठक में कुमार रविकांत सिंह, संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक, सर्वजनित आवास; संजीत, संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार; वैभव रुंडवाल, निदेशक, सर्वजनित आवास; मंत्रालय के अन्य अधिकारी; और मिशन निदेशक तथा भाग लेने वाले राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
समिति ने पीएमएवाई-यू 2.0 के कार्यान्वयन में तेजी लाने के उपायों पर भी चर्चा की, जिसमें समय पर अनुमोदन, प्रभावी निगरानी और पात्र लाभार्थियों को आवास लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।
सितंबर 2024 में शुरू की गई पीएमएवाई-यू 2.0 योजना का उद्देश्य एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को पक्का मकान बनाने या खरीदने के लिए प्रति परिवार 2.50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के उन पात्र परिवारों को कवर करती है जिनकी वार्षिक घरेलू आय 9 लाख रुपये तक है।
यह योजना परिवार की महिलाओं को घरों का स्वामित्व या सह-स्वामित्व प्रदान करके महिला-नेतृत्व वाले विकास को प्राथमिकता देती है। पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत 20.80 लाख घरों में से 20.16 लाख, यानी 97 प्रतिशत घर महिलाओं को व्यक्तिगत या संयुक्त स्वामित्व के तहत आवंटित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1.81 लाख घर, अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए 3.61 लाख घर, अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए 1.06 लाख घर और अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के लिए 9.14 लाख घर स्वीकृत किए गए हैं, जो सुरक्षित और किफायती आवास तक समान पहुंच पर योजना के फोकस को दर्शाता है।
पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 योजनाओं के तहत सरकार ने 1.27 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी है, जिनमें से 1.01 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं।

