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पीएम मोदी के कनाडा दौरे से भारत-कनाडा एफटीए को मिलेगी रफ्तार: कनाडाई उच्चायुक्त

भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने कहा क‍ि भारत और कनाडा के संबंध आज जितने अच्छे हैं, उतने पहले कभी नहीं रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर की शुरुआत में कनाडा का दौरा करेंगे। हम चाहते हैं कि उस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पहला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हस्ताक्षरित हो। यह बातें उन्‍हाेंने आईएएनएस के साथ व‍िशेष साक्षात्‍कार में कहीं।

उच्चायुक्त क्रिस्टोफर ने कहा क‍ि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच बहुत अच्छी समझ और तालमेल है। पिछले एक साल में उनकी चार बार मुलाकात हो चुकी है। ऊर्जा, प्रवासन (माइग्रेशन) और रक्षा जैसे क्षेत्रों में हमारे बीच नियमित बातचीत चल रही है। निकट भविष्य में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण यात्रा की भी उम्मीद है। पिछले एक साल में हमारे प्रधानमंत्री के अलावा कम से कम छह अन्य कनाडाई मंत्री भी भारत का दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मार्च में भारत आए थे।

उन्‍होंने कहा क‍ि उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर की शुरुआत में कनाडा का दौरा करेंगे। हम चाहते हैं कि उस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पहला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हस्ताक्षरित हो। अगर ऐसा होता है, तो यह काफी तेजी से पूरा होने वाला समझौता होगा, क्योंकि इसकी बातचीत वास्तव में इसी साल मार्च में शुरू हुई थी।

कनाडा अपने व्यापार को विविध बनाने पर भी काम कर रहा है, ताकि अमेरिका के अलावा दूसरे विकल्प भी मजबूत हो सके। जब भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और कनाडा की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं को साथ रखते हैं, तो दोनों देश एक-दूसरे के लिए बेहद उपयुक्त साझेदार नजर आते हैं। यह बिल्कुल ऐसे है, जैसे मशीन के दो गियर एक-दूसरे से पूरी तरह मेल खा रहे हों। एक की गति बढ़ती है तो दूसरे को भी फायदा होता है।

उन्होंने बताया क‍ि अगले हफ्ते हमारे व्यापार मंत्री भी भारत आएंगे। उनके साथ 300 कनाडाई कारोबारी प्रतिनिधियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल होगा। मेरा मानना है कि यह शायद सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है जिसे हमने कभी किसी देश में भेजा है, और निश्चित रूप से भारत के लिए तो यह सबसे बड़ा है। यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक भारत में रहेगा और दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा करेगा।

क्रिस्टोफर ने कहा क‍ि सरकारी स्तर के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे के बाजारों में अवसर तलाश रही हैं। कनाडा की आईटी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं, जबकि भारतीय कंपनियां कनाडा में निवेश कर रही हैं। कनाडाई कंपनियां भारत में लगभग एक लाख लोगों को अच्छी नौकरियां दे रही हैं, खासकर आईटी, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों में। वहीं भारतीय कंपनियां कनाडा में करीब 50,000 लोगों को रोजगार दे रही हैं।

उन्होंने बताया क‍ि अगला साल भारत और कनाडा के बीच राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने का वर्ष होगा। हमारे रिश्ते में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन अब हमारे पास उस तरह की साझेदारी बनाने की रफ्तार और अवसर है, जिसकी चर्चा हम दशकों से करते रहे हैं। ऐसी साझेदारी, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार और विकास की क्षमता को सही मायने में दर्शाती हो। हमें अभी लंबा सफर तय करना है, सरकारों के बीच सहयोग का ढांचा तैयार हो रहा है और दोनों देशों के कारोबारी समुदाय एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि अगले साल और उसके बाद भी भारत और कनाडा के बीच सहयोग में काफी तेजी देखने को मिलेगी।