विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 आज से गुजरात के गांधीनगर में शुरू हो रहा है।
प्रतिष्ठित ‘विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच (WCEF) 2026’ आज गुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में शुरू होने जा रहा है। दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित हो रहे इस सम्मेलन का संयुक्त उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल करेंगे। ‘चक्रीय अर्थव्यवस्था: जन और समृद्धि के लिए परिवर्तन’ विषय पर आधारित इस आयोजन में 65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक हितधारक भाग लेंगे।
दक्षिण एशिया में सतत आर्थिक परिवर्तनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026 के लिए गांधीनगर के महात्मा मंदिर में मंच तैयार है। इस मंच का उद्देश्य सामग्रियों के पुन: उपयोग, नवीनीकरण और पुनर्चक्रण पर जोर देकर वैश्विक चक्रीयता को बढ़ावा देना है, ताकि उन्हें मूल्यवान आर्थिक संसाधनों के रूप में पुनः एकीकृत किया जा सके।
दो दिनों के दौरान, फोरम में 4 पूर्ण सत्र और 16 विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एआई के अनुप्रयोग, हरित ऊर्जा, सतत वित्त, शासन और स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र जैसे प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, 125 से अधिक प्रदर्शकों वाली एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में चक्रीय व्यापार मॉडल के लिए नवोन्मेषी और व्यावहारिक समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वैश्विक कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा और गुजरात सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और फिनलैंड की पर्यावरण मंत्री सारी मुलतला कल समापन सत्र में उपस्थित रहेंगे, जिसके बाद 17 और 18 सितंबर को विश्व स्तर पर 80 एक्सेलेरेटर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

