भारत-उज़्बेकिस्तान के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं, ऐसा राजदूत स्मिता पंत ने कहा।
आकाशवाणी न्यूज़ से विशेष बातचीत में उज़्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं और प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है और प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान दोनों देश कनेक्टिविटी में सुधार और बाधाओं को दूर करने पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी उज़्बेकिस्तान यात्रा को भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आकाशवाणी न्यूज़ से विशेष बातचीत में उज़्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत ने कहा कि दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं और प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को और विस्तार देने पर विशेष चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में इन संबंधों ने रणनीतिक साझेदारी का रूप लिया है। दोनों देश व्यापार, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। राजदूत स्मिता पंत ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है। यह बढ़ता व्यापार दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, व्यापार और आर्थिक सहयोग को और व्यापक बनाने के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने तथा व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर भी चर्चा होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से न केवल दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही आसान होगी, बल्कि व्यापारिक समुदायों और आम लोगों के बीच संपर्क भी बढ़ेगा। भारत मध्य एशिया के साथ अपने संबंधों को विशेष महत्व देता है और उज़्बेकिस्तान इस क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए उच्चस्तरीय संवाद लगातार जारी है। प्रधानमंत्री की यात्रा से इस सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में समझ और सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य की नई संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। राजदूत ने कहा कि भारत और उज़्बेकिस्तान के बीच बढ़ता विश्वास दोनों देशों के संबंधों की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में प्रधानमंत्री की यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और जनसंपर्क संबंधों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

