Meta के पूर्व इंजीनियर ने सोशल मीडिया के नुकसान पर उठाए सवाल
Meta के पूर्व इंजीनियरिंग निदेशक और कंपनी के आलोचक आर्टुरो बेजार बुधवार को एक महत्वपूर्ण अमेरिकी मुकदमे में अपनी गवाही जारी रखेंगे। इस मामले में 29 राज्यों ने Meta पर बच्चों और किशोरों को उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के कारण होने वाले नुकसान से बचाने में विफल रहने और नाबालिगों का डेटा अवैध रूप से एकत्र करने के आरोप लगाए हैं।
यह मुकदमा कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित संघीय अदालत में चल रहा है और करीब छह सप्ताह तक चलने की उम्मीद है। मामले का फैसला Instagram और Facebook के संचालन और उनकी सुरक्षा नीतियों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
बेजार इस मुकदमे में गवाही देने वाले पहले प्रमुख गवाह हैं। उन्होंने 2009 से 2015 तक Meta में काम किया था और बाद में 2019 से 2021 के बीच स्वतंत्र सलाहकार के रूप में कंपनी से जुड़े रहे।
युवाओं को होने वाले नुकसान को लेकर जताई थी चिंता
बेजार ने 2019 से 2021 के दौरान Instagram पर युवाओं के अनुभव और उनके कल्याण से जुड़े सर्वेक्षणों में काम किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्लेटफॉर्म के युवा उपयोगकर्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर Meta के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने अपनी चिंताएं रखी थीं।
उनके अनुसार, कंपनी की आंतरिक निगरानी व्यवस्था में खामी थी क्योंकि वह मुख्य रूप से ऐसे कंटेंट की मौजूदगी पर ध्यान देती थी जो कंपनी की नीतियों का उल्लंघन करता था, जबकि उससे उपयोगकर्ताओं को होने वाले वास्तविक नुकसान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था।
बेजार ने अदालत में Meta के मुख्य उत्पाद अधिकारी क्रिस कॉक्स को भेजे गए अपने एक ईमेल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा बताए गए नुकसान की दर और उपयोगकर्ताओं द्वारा वास्तव में रिपोर्ट किए गए नुकसान के बीच बड़ा अंतर था।
उन्होंने कहा कि युवा उपयोगकर्ताओं को बेहद उच्च दर पर नुकसान का सामना करना पड़ रहा था और माता-पिता को इस वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी।
29 राज्यों के आरोप
कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी सहित राज्यों का आरोप है कि Meta ने Facebook और Instagram को इस तरह डिजाइन किया कि युवा उपयोगकर्ता इनसे जुड़े रहें और प्लेटफॉर्म पर अधिक समय बिताएं। राज्यों का दावा है कि इससे युवाओं में चिंता, अवसाद और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा।
मामले में 29 राज्यों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया है कि Meta ने 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के व्यक्तिगत डेटा को अवैध रूप से एकत्र और इस्तेमाल किया तथा अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा को लेकर जनता को गुमराह किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुकदमा अब तक सोशल मीडिया के युवाओं पर प्रभाव को लेकर सबसे महत्वपूर्ण कानूनी परीक्षणों में से एक है।
Meta ने आरोपों से किया इनकार
Meta ने राज्यों के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह किशोरों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों पर कायम है। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि बेजार की राय उनके Meta में किए गए काम के दायरे से बाहर है।
Meta ने बेजार की गवाही रोकने की कोशिश भी की थी। कंपनी ने आरोप लगाया था कि बेजार ने अन्य पूर्व Meta कर्मचारियों के साथ Signal पर हुई बातचीत को डिलीट कर दिया और इस तरह महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित नहीं रखे।
हालांकि, ओकलैंड मामले की अध्यक्षता कर रहीं अमेरिकी जिला न्यायाधीश यवोन गोंजालेज रोजर्स ने Meta की इस मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने कंपनी की कोशिश को एक महत्वपूर्ण गवाह की गवाही रोकने का कमजोर प्रयास माना।
Meta के खिलाफ हजारों मुकदमे
Meta को बच्चों और किशोरों को कथित नुकसान पहुंचाने से जुड़े हजारों समान मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। बेजार अब तक ऐसे तीन मामलों में कंपनी के खिलाफ महत्वपूर्ण गवाह के रूप में गवाही दे चुके हैं।
न्यू मैक्सिको द्वारा दायर एक मामले में Meta पर 94.2 करोड़ डॉलर का हर्जाना और जुर्माना लगाया गया था तथा राज्य में अपने प्लेटफॉर्म में बदलाव करने का आदेश दिया गया था।
बेजार ने 2023 में अमेरिकी सीनेट की एक समिति के सामने भी गवाही दी थी। उस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि Meta को किशोरों के उत्पीड़न और अन्य नुकसान की जानकारी थी, लेकिन कंपनी ने उन्हें पर्याप्त रूप से दूर करने के लिए कदम नहीं उठाए।

