वर्ष 2047 तक कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य : डीके शिवकुमार
बेंगलुरू, 15 अगस्त । कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य के विकास का रोडमैप पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। माणिक शाह मैदान में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा, रोजगार, कृषि, उद्योग, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और जनसेवा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और तकनीक की अहम भूमिका होगी। इसी दिशा में राज्य के सभी स्कूलों में छठी कक्षा से एआई की शिक्षा शुरू की जाएगी। इसके लिए ‘एआई अक्षर अभियान’ और ‘कोडिंग गुरुकुल’ की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी स्वामित्व वाला एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने तथा राज्य के विभिन्न हिस्सों में एआई केंद्र विकसित करने की घोषणा भी की।
युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री रोजगार संकल्प’ और ‘युवा रोजगार सेतु’ योजनाएं शुरू की जाएंगी। शिवकुमार ने कहा कि सरकारी क्षेत्र में 72 हजार प्रमुख रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। अगले छह महीने में सभी सरकारी पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में एक लाख नए रोजगार सृजित किए जाएंगे। नए रोजगार के लिए प्रति माह 2,500 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की योजना भी शुरू की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री किसान चेतना’ योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत ड्रोन और उपग्रहों की मदद से फसल सर्वेक्षण किया जाएगा तथा किसानों को वास्तविक समय में कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
‘किसान मित्र’ कार्यक्रम के तहत तीन एकड़ या उससे कम भूमि वाले किसानों को कृषि मशीनरी किराये पर लेने के शुल्क में 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य छोटे किसानों की कृषि लागत कम करने के साथ उन्हें आधुनिक कृषि उपकरणों की सुविधा उपलब्ध कराना है।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए दोड़बल्लापुर में उन्नत विनिर्माण क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इसके माध्यम से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और लगभग एक लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है।
वहीं, ‘बियॉन्ड बेंगलुरु’ पहल के तहत राज्य में पांच वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे बेंगलुरु के बाहर भी तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ‘सहाय हस्त’ योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य के सभी कस्बों और शहरों में रिंग रोड तथा गतिशीलता ग्रिड विकसित किए जाएंगे। बेंगलुरु में 117 किलोमीटर लंबे रिंग रोड वाले ‘बेंगलुरु बिजनेस कॉरिडोर’ परियोजना को शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में पांच नए पुलिस आयुक्तालय स्थापित करने की घोषणा भी की। दंगाई और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दस्ता गठित किया जाएगा। इसके अलावा शहर में पांच बड़े वृक्ष उद्यान विकसित किए जाएंगे तथा सात प्रमुख झीलों के विकास पर काम किया जाएगा।
वाहन मालिकों को आसान और सुविधाजनक बीमा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कर्नाटक राज्य मोटर वाहन बीमा संस्था स्थापित की जाएगी। आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए प्रजासेवा विभाग का गठन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मेकेदाटु परियोजना शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में 112 प्रमुख जल संसाधन परियोजनाओं के लिए 16 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों के विकास और बेहतर प्रबंधन को सरकार प्राथमिकता दे रही है।
संपत्ति के स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए भू-गारंटी व्यवस्था लागू की जाएगी। वहीं, ई-खाता व्यवस्था के माध्यम से संपत्ति दस्तावेजों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस संबोधन में शिवकुमार ने कहा कि सरकार शिक्षा, प्रौद्योगिकी, रोजगार, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे समेत सभी क्षेत्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को वर्ष 2047 तक मजबूत, समृद्ध और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए तकनीक, निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे को विकास का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।

