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अमेरिका साल 2030 तक कीव को भेजी गई जैवलिन मिसाइलों की भरपाई नहीं कर पाएगा

वॉशिंगटन, 11 अगस्त । अमेरिका कम से कम साल 2030 तक यूक्रेन को भेजी गई जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइलों की भरपाई नहीं कर पाएगा। पेंटागन के बजट दस्तावेजों के आधार पर रिया नोवोस्ती ने यह दावा किया है।

वित्तीय वर्ष 2022–2025 में, अमेरिकी सेना ने अपने स्टॉक को फिर से भरने के लिए 9,374 मिसाइलें खरीदीं। हालांकि, इन बैचों का एक बड़ा हिस्सा अनुबंधों पर हस्ताक्षर होने के कई वर्षों बाद तक सेना को नहीं सौंपा जाएगा। सबसे हालिया डिलीवरी – 944 मिसाइलों का एक बैच, जिसके लिए 2024 में फंड दिया गया था – अगस्त 2030 तक शुरू नहीं होगी।

रिया नोवोस्ती की गणना के अनुसार, जैवलिन सिस्टम के लिए कमांड और लॉन्च यूनिट की डिलीवरी में भी कई वर्षों की देरी होगी। यूक्रेन को भेजे गए हथियारों की भरपाई के लिए खरीदे गए नवीनतम बैच में 50 वॉरहेड शामिल हैं और इसे 2028 के अंत तक अमेरिकी सेना को सौंपे जाने की योजना है।

पेंटागन इस देरी का कारण यह बताता है कि वित्तीय वर्ष 2022–2024 में अतिरिक्त खरीद की मात्रा उसकी सुविधाओं की उत्पादन क्षमता से अधिक थी। रिया नोवोस्ती ने बताया कि एक जैवलिन मिसाइल के लिए पूरी खरीद और उत्पादन चक्र में 4.5 साल तक का समय लगता है, जबकि कमांड और लॉन्च यूनिट के लिए इसमें चार साल से थोड़ा अधिक समय लगता है।