डिजिटल ऋण और भुगतान प्रणाली पर बढ़ी निगरानी, साइबर सुरक्षा को मिली मजबूती
केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म, भुगतान एग्रीगेटर और अन्य फिनटेक सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई नियामकीय और उपभोक्ता संरक्षण उपाय लागू किए हैं। सरकार ने बताया कि वित्तीय क्षेत्र के नियामकों और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समीक्षा के आधार पर साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकथाम और नियामकीय ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
लोकसभा में मंत्री ने दी जानकारी
वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार डिजिटल ऋण प्लेटफॉर्म और भुगतान एग्रीगेटर सहित फिनटेक इकोसिस्टम से जुड़े मुद्दों की नियमित समीक्षा कर रही है। समीक्षा के आधार पर समय-समय पर आवश्यक नियामकीय और पर्यवेक्षी हस्तक्षेप किए गए हैं।
फिनटेक के लिए स्व-नियामक संगठन का ढांचा
मंत्री ने बताया कि आरबीआई ने 30 मई 2024 को फिनटेक क्षेत्र के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ-एफटी) का ढांचा जारी किया। इसका उद्देश्य नियामकीय मानकों को बढ़ावा देना, नैतिक आचरण सुनिश्चित करना, बाजार की पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत करना तथा विवाद समाधान की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
डिजिटल भुगतान सुरक्षा पर विशेष जोर
आरबीआई ने फरवरी 2021 में डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रणों पर मास्टर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनके तहत बैंकों के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और कार्ड भुगतान सहित विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों पर न्यूनतम सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) यूपीआई लेनदेन की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली का उपयोग कर रहा है।
डीपीडीपी अधिनियम से डेटा सुरक्षा को मजबूती
सरकार ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (डीपीडीपी अधिनियम) और डीपीडीपी नियम, 2025 अधिसूचित किए हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
रेगुलेटरी सैंडबॉक्स से नवाचार को बढ़ावा
आरबीआई ने अगस्त 2019 में रेगुलेटरी सैंडबॉक्स ढांचा लागू किया था। इसके तहत नियंत्रित नियामकीय वातावरण में नए और अभिनव वित्तीय उत्पादों तथा सेवाओं का परीक्षण किया जा सकता है, जिससे फिनटेक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
साइबर अपराध से बचाव के लिए कई पहल
मंत्री ने बताया कि गृह मंत्रालय ने साइबर अपराधों और अवैध ऋण ऐप्स से संबंधित शिकायतों के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 शुरू किया है। इसके अलावा ‘सचेत’ पोर्टल और राज्य स्तरीय समन्वय समितियों के माध्यम से भी नागरिक अवैध धन संग्रह से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आरबीआई और बैंक एसएमएस, रेडियो अभियान तथा अन्य माध्यमों से साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वहीं, आरबीआई का ईबीएएटी (eBAAT) कार्यक्रम भी डिजिटल बैंकिंग धोखाधड़ी और जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है। (इनपुट: पीआईबी)
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