पीएम मोदी की बधाई पर गदगद हुए इथियोपिया के प्रधानमंत्री, कहा- मेरे विश्वसनीय मित्र और बड़े भाई
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली ने चुनावी जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली बधाई के लिए आभार व्यक्त करते हुए भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की इच्छा जताई है। उन्होंने मोदी को अपना “विश्वसनीय मित्र और बड़े भाई” बताते हुए दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों की सराहना की।
सोशल मीडिया पर जताया आभार
अबी अहमद अली ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक जनादेश दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की लोकतांत्रिक शक्ति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इथियोपिया और भारत ऐतिहासिक संबंधों, साझेदारी और साझा आकांक्षाओं से जुड़े हुए हैं तथा दोनों देश अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मोदी ने दी थी चुनावी जीत की बधाई
यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इथियोपिया के संसदीय चुनाव में जीत हासिल करने पर अबी अहमद अली और उनकी पार्टी को बधाई देने के बाद आई। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को उन्हें और उनकी पार्टी की निर्णायक जीत पर शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि भारत इथियोपिया के साथ अपने ऐतिहासिक, बहुआयामी और गहरे संबंधों को अत्यंत महत्व देता है।
प्रॉस्पेरिटी पार्टी को मिली बड़ी जीत
इथियोपिया के राष्ट्रीय चुनाव बोर्ड (एनईबीई) के अनुसार, सत्तारूढ़ प्रॉस्पेरिटी पार्टी ने देश के सातवें आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 486 में से 438 सीटों पर जीत दर्ज की। इथियोपिया के संविधान के तहत बहुमत प्राप्त करने वाली पार्टी या गठबंधन सरकार का गठन करता है और प्रधानमंत्री का चयन करता है।
पिछले वर्ष इथियोपिया गए थे मोदी
पिछले वर्ष दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया का दो दिवसीय दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक सहयोग, आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक संबंधों को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत की “एक पेड़ मां के नाम” और इथियोपिया की “ग्रीन लिगेसी” पहल के तहत पौधारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था।
मोदी को मिला था इथियोपिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इथियोपिया यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान दोनों देशों के मजबूत होते संबंधों और वैश्विक स्तर पर बढ़ते सहयोग का प्रतीक माना गया था।

