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Apple और Google का बड़ा ऐलान! iPhone-Android चैट्स अब कोई नहीं पढ़ पाएगा

स्मार्टफोन यूजर्स लंबे समय से इस बात का इंतजार कर रहे थे कि iPhone और Android के बीच होने वाली चैट भी उतनी ही सुरक्षित बने जितनी WhatsApp या iMessage पर होती है. अब आखिरकार Apple और Google ने मिलकर इस दिशा में बड़ा कदम उठा लिया है. दोनों कंपनियों ने घोषणा की है कि iPhone और Android के बीच भेजे जाने वाले RCS मैसेज अब End-to-End Encryption (E2EE) के साथ आएंगे.

इस नए फीचर को Apple ने iOS 26.5 अपडेट के जरिए रोलआउट करना शुरू कर दिया है. इसका मतलब है कि अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर चैट करने वाले यूजर्स को भी ज्यादा प्राइवेसी और सिक्योरिटी मिलेगी.

Apple ने iOS 18 के साथ iPhone में RCS सपोर्ट शुरू किया था. इसके बाद iPhone यूजर्स को कई नए फीचर्स मिले थे जैसे टाइपिंग इंडिकेटर, Read Receipts और हाई क्वालिटी फोटो-वीडियो शेयरिंग. हालांकि उस समय सबसे जरूरी चीज यानी End-to-End Encryption उपलब्ध नहीं थी. यानी मैसेज सुरक्षित जरूर थे लेकिन पूरी तरह प्राइवेट नहीं माने जाते थे. अब iOS 26.5 के साथ यह कमी भी खत्म हो गई है और iPhone से Android पर भेजे गए RCS मैसेज अब पूरी तरह एन्क्रिप्टेड होंगे.

End-to-End Encryption आखिर होता क्या है?

End-to-End Encryption ऐसी सिक्योरिटी तकनीक है जिसमें मैसेज इस तरह लॉक हो जाते हैं कि उन्हें सिर्फ भेजने वाला और पाने वाला ही पढ़ सकता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बीच में कोई तीसरा व्यक्ति, कंपनी या नेटवर्क ऑपरेटर उन मैसेज को एक्सेस नहीं कर सकता. यहां तक कि Apple और Google खुद भी उन चैट्स को नहीं पढ़ पाएंगे. यानी आपकी पर्सनल बातचीत पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित रहेगी.

हर चैट के लिए मिलेगा अलग सिक्योरिटी कोड

Google के अनुसार हर एन्क्रिप्टेड चैट के लिए एक यूनिक वेरिफिकेशन कोड बनाया जाएगा. यह कोड दोनों यूजर्स के डिवाइस पर समान होना चाहिए. इससे यह सुनिश्चित होगा कि बातचीत पूरी तरह सुरक्षित है और किसी ने बीच में चैट को इंटरसेप्ट नहीं किया है.

कैसे पता चलेगा कि आपकी चैट सुरक्षित है?

Apple ने बताया है कि जब कोई RCS चैट पूरी तरह एन्क्रिप्टेड होगी तब iPhone यूजर्स को चैट विंडो में RCS Encrypted के साथ लॉक आइकन दिखाई देगा. वहीं Android यूजर्स को Google Messages ऐप में वही लॉक सिंबल नजर आएगा जो पहले सिर्फ सुरक्षित RCS चैट्स में दिखाई देता था.

अभी बीटा में है फीचर

फिलहाल यह फीचर बीटा स्टेज में उपलब्ध कराया गया है और इसे कुछ सपोर्टेड टेलीकॉम कैरियर्स के साथ टेस्ट किया जा रहा है. उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इसे सभी यूजर्स तक पहुंचा दिया जाएगा. Apple का कहना है कि iOS 26.5 अपडेट इंस्टॉल करने के बाद iPhone में यह सिक्योरिटी फीचर अपने आप एक्टिव हो जाएगा. वहीं Android यूजर्स को Google Messages ऐप का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करना होगा.

प्राइवेसी को लेकर क्यों अहम है यह कदम?

आज के समय में डिजिटल प्राइवेसी सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है. कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स की डेटा सिक्योरिटी को लेकर सवाल उठते रहते हैं. ऐसे में Apple और Google का यह कदम मोबाइल चैटिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अब iPhone और Android यूजर्स बिना किसी चिंता के ज्यादा सुरक्षित तरीके से बातचीत कर सकेंगे.