बस्तर में मनाया गया, सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, प्रधानमंत्री के विजन पर हुई चर्चा
जगदलपुर, 11 मई । बस्तर रियासत की पुरानी राजधानी नगर पंचायत बस्तर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर का प्रांगण उस समय भक्ति और राष्ट्रवाद के अनूठे संगम का साक्षी बना, जब यहां ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सोमनाथ मंदिर के उस अदम्य स्वाभिमान की गाथा भी गूंजी, जो सदियों के संघर्ष के बाद आज अपने पूर्ण वैभव के साथ खड़ा है। कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमनाथ में 11 पवित्र तीर्थों के जल से किए गए अभिषेक का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान का प्रतीक बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कश्यप ने मंदिर के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज से लगभग एक हजार वर्ष पूर्व सोमनाथ मंदिर को जिस तरह नष्ट कर लूटपाट की गई थी, वह भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय था। उसके बाद भी कई बार आक्रमणकारियों ने इस सनातन केंद्र को क्षति पहुंचाई, लेकिन हर बार महादेव के प्रति अटूट आस्था ने इसे वापस खड़ा कर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि अंतिम बार 1951 में इस मंदिर के पुनर्निर्माण का महान कार्य संपन्न हुआ था और आज, एक हजार वर्ष पूर्व हुई उस भीषण लूटपाट के पश्चात मंदिर के इसी अटूट स्वाभिमान और पुनर्निर्माण की याद में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन पूरे देश में गौरव के साथ किया जा रहा है।
इस उत्सव में जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल में भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शकुंतला कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन व अपर कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भक्ति की इस धारा को कलात्मक ऊंचाई देते हुए कलाकार निधि रावल और तरंग डांस एकेडमी की नन्हीं बालिकाओं ने कत्थक शैली में शिव तांडव की ऐसी ओजपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनसमूह में ऊर्जा का संचार कर दिया। वहीं गायत्री मानस परिवार बस्तर के शिव भजनों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और भक्तों ने इस ऐतिहासिक संदर्भ वाले पर्व में हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति गर्व व्यक्त किया।

