कोपिली परियोजना 10 दिनों में तैयार, 150 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा शुरू: सीएम सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को असम विधानसभा में बिजली, रोजगार, निवेश और श्रम क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार बहुआयामी पहल कर रही है। बजट सत्र के दौरान सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि लंबे समय से रुकी हुई कोपिली हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना अगले 10 दिनों में पूरी हो जाएगी।
बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से 150 मेगावाट बिजली उत्पन्न होगी। साथ ही कोपिली प्लांट में 25 मेगावाट की अतिरिक्त क्षमता की मरम्मत और सुधार का काम जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पावर अवसंरचना को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
55,000 सरकारी नौकरियों का लक्ष्य
रोजगार सृजन को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अपने वर्तमान कार्यकाल के पहले तीन वर्षों में 55,000 सरकारी नौकरियां प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नियुक्तियों का बड़ा हिस्सा शिक्षा विभाग में होगा, जिससे सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सके और कर्मचारियों की कमी दूर की जा सके।
जगीरोड में निवेश की संभावनाएं
राज्य में बढ़ती वैश्विक निवेश संभावनाओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 जापानी कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल 28 फरवरी को जगीरोड पहुंचेगा। ये कंपनियां क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जगीरोड भविष्य में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विनिर्माण क्षेत्र को बल मिलेगा।
चाय बागान श्रमिकों की मजदूरी में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 मार्च से चाय बागानों में कार्यरत श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय चाय बागान श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना का अहम हिस्सा हैं।
समग्र विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी पहल अवसंरचना विकास, निवेश प्रोत्साहन, रोजगार सृजन और सामाजिक कल्याण को साथ लेकर चलने की सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा हैं, जिसका लक्ष्य एक मजबूत और आत्मनिर्भर असम का निर्माण करना है।

