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2014 के बाद 289.6 गीगावाट नई बिजली क्षमता जुड़ी, बिजली संकट खत्म

सरकार ने बताया है कि अप्रैल 2014 से अब तक 289.6 गीगावाट से अधिक नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है। इसके चलते देश बिजली की कमी वाले दौर से निकलकर पर्याप्त बिजली वाले दौर में पहुंच गया है। संसद को गुरुवार को यह जानकारी दी गई।

राज्यसभा में लिखित जवाब में ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नायक ने बताया कि इस समय देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 513.73 गीगावाट है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष देश ने 250 गीगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया।

मंत्री ने बताया कि आपूर्ति और मांग के बीच का अंतर

  • वर्ष 2022–23 में 0.5 प्रतिशत था,

  • जो वर्तमान वर्ष में शून्य (NIL) हो गया है।

इसी तरह, पूरी न हो पाने वाली अधिकतम मांग

  • 2022–23 में 4 प्रतिशत थी,

  • जो अब लगभग शून्य रह गई है।

राष्ट्रीय विद्युत योजना (NEP) के अनुसार, 2031–32 तक देश की स्थापित बिजली क्षमता 874 गीगावाट होने का अनुमान है।

मंत्री ने कहा कि भविष्य की अधिकतम मांग से आगे रहने के लिए सभी राज्यों ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के साथ मिलकर संसाधन पर्याप्तता योजना (RAP) तैयार की है। यह 10 साल की चलती योजना होती है, जिसमें बिजली उत्पादन और खरीद—दोनों की योजना शामिल रहती है।

सरकार के अनुसार, 2034–35 तक कोयला और लिग्नाइट आधारित ताप बिजली की जरूरत लगभग 3,07,000 मेगावाट होगी, जबकि 31 मार्च 2023 तक स्थापित क्षमता 2,11,855 मेगावाट थी।

इस जरूरत को पूरा करने के लिए बिजली मंत्रालय ने कम से कम 97,000 मेगावाट नई ताप बिजली क्षमता जोड़ने की योजना बनाई है।

मंत्री ने बताया कि

  • अप्रैल 2023 से 20 जनवरी 2026 तक 17,360 मेगावाट ताप बिजली क्षमता चालू हो चुकी है।

  • 39,545 मेगावाट ताप बिजली परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिनमें 4,845 मेगावाट की दबावग्रस्त परियोजनाएं भी शामिल हैं।

  • 22,920 मेगावाट की परियोजनाओं के ठेके दिए जा चुके हैं।

  • इसके अलावा 24,020 मेगावाट की कोयला और लिग्नाइट आधारित क्षमता विभिन्न योजना चरणों में है।

उन्होंने बताया कि

  • 12,973.5 मेगावाट जलविद्युत परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

  • 4,274 मेगावाट जलविद्युत परियोजनाएं योजना चरण में हैं, जिन्हें 2031–32 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

  • 6,600 मेगावाट परमाणु बिजली क्षमता निर्माणाधीन है, जिसे 2029–30 तक पूरा किया जाएगा।

  • इसके अलावा लगभग 7,000 मेगावाट परमाणु क्षमता योजना और मंजूरी के चरण में है।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से काम हो रहा है।

  • 1,57,800 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें

    • 67,280 मेगावाट सौर,

    • 6,500 मेगावाट पवन,

    • 60,040 मेगावाट हाइब्रिड शामिल हैं।

इसके अलावा,

  • 48,720 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता योजना चरण में है, जिसमें

    • 35,440 मेगावाट सौर,

    • 11,480 मेगावाट हाइब्रिड शामिल हैं।

      इन परियोजनाओं को 2029–30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।