राष्ट्रपति मुर्मू ने ओडिशा के रायरांगपुर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी।
05 फरवरी । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को ओडिशा के रायरांगपुर में कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
राष्ट्रपति ने महाराजा श्रीराम चंद्र भंजा देव विश्वविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी परिसर का उद्घाटन किया और आयुष अस्पताल-सह-आयुर्वेदिक कॉलेज, ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर, तीरंदाजी केंद्र, शहर के सौंदर्यीकरण और जल निकासी उन्नयन कार्यों, सभागार और सांस्कृतिक केंद्र, बालिका छात्रावास और नशामुक्ति केंद्र सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
सभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार की पूर्वोदय योजना ओडिशा के विकास पर विशेष बल देती है, जिसमें मयूरभंज जिला प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-प्रारंभित और प्रस्तावित परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास को गति देंगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगी।
केंद्र सरकार द्वारा जनजातीय कल्याण पर दिए जा रहे विशेष ध्यान को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार जनजातीय समुदायों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत 90 से अधिक लघु वन उपज वस्तुओं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का प्रावधान, जनजातीय स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म ऋण सहायता और जनजातीय महिला सशक्तिकरण योजना के तहत अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए कम ब्याज वाले ऋण जैसी पहलों को इस प्रतिबद्धता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और कनेक्टिविटी में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों पर भी जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों (पीवीटीजी) के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री-जनमान योजना के कार्यान्वयन, आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विद्युतीकरण और दूरदराज के क्षेत्रों में 4जी इंटरनेट कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सबसे गरीब वर्गों का उत्थान आदिवासी समुदायों के विकास से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है और उन्होंने लोगों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का सक्रिय रूप से लाभ उठाने और उनके बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समावेशी स्थानीय विकास राज्य और अंततः राष्ट्र की प्रगति में योगदान देगा और यह भी कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का लक्ष्य सरकार और नागरिकों दोनों के सामूहिक प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है।

