WHO की चेतावनी: CD4 काउंट 200 से कम तो माना जाएगा एडवांस्ड HIV
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने HIV से पीड़ित लोगों में बीमारी की गंभीर अवस्था की समय पर पहचान के लिए CD4 टेस्टिंग को अत्यंत आवश्यक बताया है। यह सिफारिश WHO की 2025 की नई गाइडलाइंस में शामिल की गई है, जिसका उद्देश्य HIV से होने वाली गंभीर बीमारी और मौतों को कम करना है।
WHO के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का CD4 काउंट 200 सेल्स/mm³ से कम हो जाता है, तो उसे एडवांस्ड HIV डिज़ीज माना जाता है। यही स्थिति AIDS से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण बनी हुई है। संगठन ने बताया कि HIV जांच और इलाज की बेहतर व्यवस्था वाले देशों में भी यह समस्या अब तक बनी हुई है।
बच्चों के लिए अलग मानक
WHO ने स्पष्ट किया है कि 5 वर्ष से कम उम्र के सभी HIV संक्रमित बच्चों को एडवांस्ड HIV माना जाएगा, जब तक उन्होंने कम से कम एक साल तक एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) न ली हो और उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर न हो।
गाइडलाइंस का उद्देश्य
नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य गंभीर HIV मरीजों की जल्दी पहचान, समय पर इलाज की शुरुआत और अस्पताल से छुट्टी के बाद बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना है।
CD4 टेस्ट न हो तो क्या करें
जहां CD4 टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां डॉक्टर क्लिनिकल जांच और लक्षणों के आधार पर भी एडवांस्ड HIV की पहचान कर सकते हैं।
किन मरीजों के लिए CD4 टेस्ट सबसे जरूरी
WHO के अनुसार, CD4 टेस्टिंग विशेष रूप से उन HIV मरीजों के लिए जरूरी है जो:
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पहली बार या दोबारा ART शुरू कर रहे हों
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लंबे समय बाद इलाज के लिए वापस आए हों
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जिनका इलाज प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा हो
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जो अस्पताल में भर्ती हों या गंभीर रूप से बीमार हों
CD4 टेस्ट से यह भी तय किया जा सकता है कि मरीज को कौन-सी अतिरिक्त दवाओं की जरूरत है और किन दवाओं को रोका या बदला जा सकता है।
Kaposi’s Sarcoma के इलाज पर भी सलाह
WHO ने HIV से पीड़ित Kaposi’s Sarcoma (एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर) के मरीजों के इलाज के लिए कुछ विशेष दवाओं की सिफारिश भी की है।
मौतों में कमी लाने पर फोकस
WHO का कहना है कि यदि देश इन गाइडलाइंस को प्रभावी ढंग से लागू करते हैं, तो HIV से होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकती है, इलाज के नतीजे बेहतर होंगे और HIV को खत्म करने के वैश्विक लक्ष्य को और मजबूती मिलेगी।

