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महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव की मतगणना तारीख आगे बढ़ने से देवेंद्र फडणवीस नाराज

मुंबई, 02 दिसंबर। महाराष्ट्र नगर चुनाव की मतगणना की तारीख आगे बढ़ने पर मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी और भी चुनाव होने हैं, इसलिए चुनाव आयोग को अपनी प्रकिया में सुधार लाना जरुरी है।

बंमई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने मंगलवार को महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव की मतगणना अब 3 दिसंबर की जगह 21 दिसंबर को घोषित किए जाने का निर्देश दिया है। चुनाव आयोग ने पहले राज्य में सभी नगर निकाय का चुनाव दो दिसंबर को कराए जाने और मतगणना तीन दिसंबर को घोषित किया था। लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी होने के कारण 24 नगर परिषद के दो दिसंबर को होने वाले चुनाव को स्थगित कर इन सभी जगह पर २० दिसंबर को मतदान कराने का निर्देश जारी किया था। इसके बाद बंमई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ में महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव की सभी सीटों की मतगणना एक साथ कराए के लिए चार याचिकाएं दाखिल की गईं थीं। इन्हीं याचिकाओं की सुनवाई करते हुए नागपुर खंडपीठ ने आज सभी नगर निकाय चुनाव की मतगणना 21 दिसंबर को घोषित किए जाने का निर्देश दिया है।

खंडपीठ के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं पिछले 25-30 सालों से लोकल बॉडी इलेक्शन देख रहा हूँ। लेकिन पहली बार हम देख रहे हैं कि जो चुनाव घोषित हैं, वे आगे बढ़ रहे हैं। उनके नतीजे आगे बढ़ रहे हैं। मुझे लगता है कि कुल मिलाकर यह तरीका बहुत सही नहीं है। लेकिन हाई कोर्ट बेंच ऑटोनॉमस है, उनके नतीजे सबको मानने होंगे। चुनाव आयोग ऑटोनॉमस है। लेकिन जो कैंडिडेट मेहनत करते हैं, कैंपेन करते हैं, सिस्टम की नाकामी की वजह से उनका मोहभंग हो जाता है, जबकि उनकी कोई गलती नहीं होती।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इलेक्शन कमीशन को राज्य में और भी कई इलेक्शन कराने हैं। अब इलेक्शन कमीशन को इस पूरे प्रोसेस में सुधार लाने चाहिए। कम से कम यह तो दिखना चाहिए कि अगले चुनाव में ऐसा न हो। यह मेरी राय है कि मैं इसे गलती नहीं कहूंगा। लेकिन जो भी कानून है, उसका गलत मतलब निकाला गया। मुझे नहीं पता कि चुनाव आयोग के वकील कौन हैं? लेकिन उनका पूरा सम्मान करते हुए मैं कहता हूँ कि उन्होंने कानून का गलत मतलब निकाला है। मैं इतने सालों से इलेक्शन देख रहा हूँ और लड़ रहा हूँ, मैंने नियम भी देखे हैं। मैंने कई वकीलों से सलाह ली है। लेकिन इलेक्शन कमीशन ने इसका गलत मतलब निकाला है। मैं इस बात से नाराज़ हूं कि कानूनी चीज़ों का पालन नहीं किया जा रहा है। मुझे नहीं लगता कि सिर्फ इसलिए कि 284 में से सिर्फ 24 जगहों पर चुनाव होने हैं, सभी वोटों की गिनती को आगे बढ़ाना सही है ।