अंबिकापुर : मंत्री राजेश अग्रवाल ने आठवीं पास सहयोगी को बनाया निज सचिव, विभाग ने लगाई रोक, कांग्रेस ने कसा तंज
अंबिकापुर, 10 नवंबर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन मंत्री और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल इन दिनों अपने एक फैसले को लेकर सुर्खियों में हैं। मंत्री ने अपने करीबी सहयोगी तबरेज आलम को निज सचिव नियुक्त करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा था, लेकिन विभाग ने उनकी शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास होने का हवाला देते हुए नियुक्ति से इनकार कर दिया। अब मंत्रालय का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर कांग्रेस ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने निजी सहयोगी तबरेज आलम की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा था। सामान्य प्रशासन विभाग ने उनकी शैक्षणिक योग्यता की जांच के बाद पाया कि तबरेज आलम केवल आठवीं पास हैं। विभाग के अवर सचिव मनराखन भौर्य ने मंत्री को पत्र जारी कर स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सचिवालय सेवा भर्ती नियम 2012 के अनुसार तृतीय श्रेणी के पदों के लिए न्यूनतम योग्यता हायर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण (12वीं पास) निर्धारित है, इसलिए इस पद पर उनकी नियुक्ति संभव नहीं है।
इस बीच, मंत्रालय का यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले को सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का मौका बताया। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि, डिग्रीधारी युवा सड़कों पर भटक रहे हैं और भाजपा सरकार आठवीं पास को संविदा पर रखकर सुशासन का ढोल पीट रही है।
कांग्रेस ने आगे लिखा कि भाजपा ने युवाओं से रोजगार और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का वादा किया था, लेकिन अब आठवीं पास व्यक्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी तंज कसा और कहा कि, भाजपाई मंत्री जी आखिर आठवीं पास तबरेज आलम को ही क्यों निज सहायक बनाना चाहते हैं?
हालांकि मंत्रालय का यह पत्र दस दिन से अधिक पुराना है, लेकिन इसके अब वायरल होने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।

