आरबीआई ने चौथी द्विमासिक नीति में रेपो दर को 5.5% पर अपरिवर्तित रखा
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज मुंबई में चालू वित्त वर्ष की चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा की। श्री मल्होत्रा ने कहा कि RBI ने रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो दर को अपरिवर्तित रखने के लिए मतदान किया है और तटस्थ रुख जारी रखने का निर्णय लिया है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सीमांत स्थायी सुविधा दर (एसडीएफ) 5.75 प्रतिशत और स्थायी जमा सुविधा (एसडीएफ) 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो पहले के 3.1 प्रतिशत के अनुमान से कम है, जबकि इस वर्ष के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर को पहले के 6.5 प्रतिशत के अनुमान से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया गया है।
एमपीसी ने संकेत दिया कि यह निर्णय स्थिर घरेलू विकास, मंद मुद्रास्फीति और बढ़े हुए वैश्विक जोखिमों के समय लिया गया है। इसने यह भी रेखांकित किया कि बढ़ते व्यापार शुल्क विवादों और अमेरिका के साथ एच-1बी वीज़ा तनाव ने अनिश्चितता को बढ़ा दिया है, जिससे आरबीआई को अपनी नीति दिशा में लचीलापन बनाए रखते हुए सतर्क रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया है।
आरबीआई गवर्नर ने विश्वास व्यक्त किया कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने से वैश्विक व्यापार और अन्य अनिश्चितताओं से संबंधित मुद्दों का समाधान होने की संभावना है।

