‘123456’ पासवर्ड पर निर्भर 76 हजार भारतीय, खतरे में ऑनलाइन पहचान
डिजिटल युग में पासवर्ड हमारी ऑनलाइन सुरक्षा की पहली दीवार है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि लाखों लोग अब भी ऐसे कमजोर पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं जिन्हें हैकर पलक झपकते ही तोड़ सकते हैं। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 76,000 से ज्यादा यूजर्स ऐसा पासवर्ड इस्तेमाल कर रहे हैं जिसे कोई भी हैकर सिर्फ एक सेकंड में क्रैक कर सकता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि “123456” सबसे आम और अनुमान लगाने में आसान पासवर्ड है। यह अक्सर सबसे कमजोर पासवर्ड की सूची में सबसे ऊपर होता है। यह इतना सामान्य है कि हैकर्स इसे सबसे पहले आजमाते हैं और ब्रूट-फोर्स या डिक्शनरी अटैक जैसे ऑटोमेटेड टूल्स की मदद से इसे तुरंत क्रैक कर लेते हैं।
ऐसे पासवर्ड खतरनाक इसलिए होते हैं क्योंकि इन्हें क्रैक करने में बेहद कम समय लगता है। हैकर्स आजकल ऐसे टूल्स का इस्तेमाल करते हैं जो लाखों पासवर्ड एक ही बार में आजमा सकते हैं। एक बार पासवर्ड लीक हो गया, तो उससे जुड़े सभी अकाउंट्स खतरे में पड़ सकते हैं—चाहे वह ईमेल हो, सोशल मीडिया, बैंकिंग या ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म।
भारत में कई यूजर्स ऐसे पासवर्ड इसलिए चुनते हैं क्योंकि उन्हें याद रखना आसान होता है। “123456”, “password”, “india123” या “abcd1234” जैसे पासवर्ड जल्दी टाइप होते हैं और भूलते नहीं, लेकिन यही आदत उन्हें साइबर अपराधियों के निशाने पर ला देती है।
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पासवर्ड कम से कम 12 से 16 कैरेक्टर का होना चाहिए, जिसमें बड़े और छोटे अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर्स शामिल हों। पासवर्ड में अपना नाम, जन्मतिथि या फोन नंबर न डालें। हर अकाउंट के लिए एक अलग और मजबूत पासवर्ड बनाएं और उन्हें याद रखने के लिए पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें। इसके अलावा, जहां भी संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर ऑन करें।
अगर आप भी “123456” जैसे किसी साधारण पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अब समय आ गया है उसे तुरंत बदलने का। मजबूत पासवर्ड आपकी डिजिटल सुरक्षा की पहली और सबसे अहम परत है — इसे हल्के में लेना खतरे से खेलने जैसा है।

