मुंबई: मानसून के कारण भारत के पहले मैंग्रोव पार्क के उद्घाटन में देरी
गोराई में विकसित हो रहा भारत का पहला मैंग्रोव पार्क अपने उद्घाटन से पहले ही चर्चा में है, लेकिन मानसून की जल्द आमद ने इसके अंतिम चरण के कार्यों में बाधा डाली है, जिसके चलते पार्क के उद्घाटन में देरी हो गई है।
करीब 8 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर स्थित यह 0.6675 हेक्टेयर का विशेष पार्क, लगभग ₹33.43 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मैंग्रोव व तटीय पारिस्थितिकी तंत्र में मौजूद जैव विविधता के बारे में जनजागरूकता बढ़ाना और संरक्षण को बढ़ावा देना है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “टिकट काउंटर, पेंटिंग, रेलिंग, लाइटिंग जैसे कुछ अंतिम चरण के कार्य शेष हैं। हालांकि ये कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन मानसून के चलते काम की गति धीमी हो गई है। पहले उम्मीद थी कि यह काम इस महीने पूरा हो जाएगा, लेकिन अब इसमें थोड़ी और देरी की संभावना है।”
अधिकारियों को भरोसा है कि मानसून समाप्त होते ही सभी शेष कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और यह बहुप्रतीक्षित पार्क जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

