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तीन साल में तिगुना होगा भारत का AI बाजार! रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि तेजी से बदलते डिजिटल युग की रीढ़ बनता जा रहा है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगले तीन वर्षों में देश का AI बाजार तीन गुना बढ़कर 17 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। सरकार और निजी कंपनियों की मजबूत पहल के चलते AI अब हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत कर रहा है।

2027 तक 17 अरब डॉलर का हो सकता है भारतीय AI सेक्टर

Boston Consulting Group (BCG) और NASSCOM की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का AI बाजार 2023 में जहां लगभग 6 अरब डॉलर का था, वहीं 2027 तक इसके 17 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। यानी यह सेक्टर 3 सालों में लगभग तीन गुना विस्तार करने की दिशा में है।

अब सिर्फ टेस्टिंग नहीं, असल उपयोग में आ रहा AI

पहले जहां कंपनियां AI को केवल ट्रायल या सीमित उपयोग में रखती थीं, अब वे इसे अपने बिजनेस मॉडल का अभिन्न हिस्सा बना चुकी हैं।

  • बैंक ग्राहक सेवा के लिए AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • अस्पताल बीमारियों की पहचान और इलाज में AI की सहायता ले रहे हैं।
  • ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को शॉपिंग सजेशन देने के लिए AI तकनीकों का उपयोग कर रही हैं।

भारत बना AI टैलेंट का ग्लोबल हब

AI में काम करने वाले पेशेवरों की संख्या भारत में लगातार बढ़ रही है।

  • वर्तमान में 6 लाख से अधिक AI प्रोफेशनल्स देश में कार्यरत हैं।
  • 2027 तक यह संख्या 12.5 लाख तक पहुंच सकती है।
    भारत अब इस क्षेत्र में अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा टैलेंट हब बन चुका है।

डिजिटल इंडिया से मिल रही नई उड़ान

भारत का मज़बूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर — जैसे कि

  • 70 करोड़+ इंटरनेट यूज़र,
  • UPI,
  • CoWIN,
  • DigiLocker
    AI के विकास को नई गति दे रहे हैं। यह डिजिटल आधार AI इनोवेशन और स्केलेबिलिटी को बढ़ावा दे रहा है।

AI से कैसे बदल रहे हैं बिजनेस मॉडल?

कई कंपनियों ने AI को अपनाकर न सिर्फ अपनी लागत घटाई है, बल्कि काम को भी पहले से अधिक कुशल बना दिया है:

  • Razorpay: 80% कस्टमर सपोर्ट अब AI के जरिए होता है।
  • Pocket FM: कंटेंट बनाने की लागत में 80% तक की कटौती हुई है।
  • NoBroker: प्रॉपर्टी संबंधित सेवाएं अब काफी हद तक ऑटोमेटेड हो चुकी हैं।

सरकार और कॉरपोरेट की बड़ी योजना

AI के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार और निजी क्षेत्र दोनों बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं:

  • भारत सरकार ने “AI मिशन” के तहत 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
  • निजी कंपनियां अपने कर्मचारियों को AI में ट्रेनिंग देने के लिए लगभग 1 अरब डॉलर (8,300 करोड़ रुपये) खर्च करने जा रही हैं।

भविष्य में AI का दायरा और बढ़ेगा

आने वाले समय में AI शिक्षा, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में और गहराई से प्रवेश करेगा। इसके साथ:

  • नई नौकरियों का सृजन होगा
  • कुछ परंपरागत नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं
  • डेटा सुरक्षा, एथिक्स और जॉब सिक्योरिटी जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे

AI अब केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि एक डिजिटल क्रांति है जो भारत के व्यापार, नौकरियों और जीवनशैली को नए सांचे में ढाल रही है। आने वाले सालों में यह तकनीक भारत के विकास में न केवल सहायक, बल्कि एक निर्णायक भूमिका निभाएगी।