AI की नज़र से नहीं बचेगी अफवाह : अब सोशल मीडिया पर झूठ फैलाना पड़ेगा भारी
अगर आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, तो अब ज़रा संभल जाइए! क्योंकि बेंगलुरू पुलिस जल्द ही एक एडवांस्ड AI मॉनिटरिंग सिस्टम लॉन्च करने जा रही है जो इंटरनेट पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों पर नजर रखेगा।
देश में फेसबुक, इंस्टाग्राम, X (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग काफी तेजी से बढ़ा है। लेकिन इसके साथ ही अफवाहों और गलत सूचनाओं का प्रसार भी चिंता का विषय बन चुका है। अब इस पर रोक लगाने के लिए बेंगलुरू पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद लेने का फैसला किया है।
कैसे करेगा ये सिस्टम काम?
- यूज़र को बस एक कीवर्ड डालना होगा, और AI यह पता लगाएगा कि जानकारी सही है या झूठी।
- यह सिस्टम किसी भी ब्रांड, व्यक्ति, संगठन या टॉपिक से जुड़ी पोस्ट को स्कैन करेगा।
- कंटेंट की भाषा, आपत्तिजनक शब्द, और ग़लत जानकारी तुरंत पकड़ ली जाएगी।
- यह केवल सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि YouTube, TikTok, Vimeo, न्यूज वेबसाइट्स और फोरम्स पर भी नजर रखेगा।
क्या हो सकती है सजा?
अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह या भड़काऊ कंटेंट फैलाते हुए पकड़ा गया, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई कर सकती है — यानी अब सोशल मीडिया पर झूठ फैलाना कानूनी झंझट में डाल सकता है।
सिस्टम की खासियतें:
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग
- फर्जी खबरों की तुरंत पहचान
- भड़काऊ भाषा और संवेदनशील शब्दों की ट्रैकिंग
- विषय और लेखक की प्रोफाइलिंग में मदद
सरकार की यह पहल साफ दिखाती है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदार व्यवहार ज़रूरी है। यह कदम न सिर्फ Digital India को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी सख्ती से रोक लगाएगा।

