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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद के प्रति सरकार की शून्य-सहिष्णुता की नीति की पुष्टि की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति की पुष्टि की है।

कल राज्य सभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए श्री शाह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से देश की सुरक्षा को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि देश को अतीत में तीन बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जो देश की प्रगति और विकास में बाधा बन रही थीं – जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद।

श्री शाह ने कहा कि सरकार ने इन सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद खत्म होने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कारण होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत की कमी आई है और आतंकी घटनाओं में भी भारी कमी आई है।

श्री शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाकर नरेंद्र मोदी सरकार ने संविधान निर्माताओं के ‘एक संविधान, एक झंडा’ के सपने को पूरा किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश में एक ही प्रधानमंत्री, एक ही संविधान और एक ही झंडा हो सकता है।

गृह मंत्री ने जोर देकर कहा कि पहले आतंकी हमलों के बाद कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी और लोग उन्हें भूल जाते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उरी और पुलवामा में आतंकी हमलों के दस दिनों के भीतर भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की।

गृह मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अगले साल मार्च तक भारत में नक्सलवाद का खात्मा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क और इंटरनेट पहुंच में सुधार किया गया है, तथा नए बैंक और एटीएम खोले गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर में सभी सशस्त्र संगठनों के साथ औपचारिक बातचीत की है।

उन्होंने कहा कि 2019 से अब तक 12 महत्वपूर्ण शांति समझौते हुए हैं। उन्होंने सदन को बताया कि 10 हजार 900 युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। श्री शाह ने देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हजारों राज्य पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

ड्रग्स के मुद्दे पर गृह मंत्री ने सदन को बताया कि पिछले पांच सालों में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक कीमत की 23 हजार किलोग्राम सिंथेटिक ड्रग्स नष्ट की गई है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की समस्या से निपटने और अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए ड्रोन, सैटेलाइट और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी ड्रग्स को भारत में आने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।