असाध्य रोगों को भी जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है आयुर्वेदः डॉ. ईशानी – पुणे की बेटी ने संकल्प उठाया, प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में मिला प्रवेश
पुणे, 28 जनवरी। भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करने का बीड़ा उठाया है पुणे की बेटी डॉ. ईशानी बेन्डेले ने। आयुर्वेद को जीवन का लक्ष्य बनाने वाली डॉ. ईशानी पुणे की पहली आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं जिनको इंग्लैंड की प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला है।
तिलक आयुर्वेद महाविद्यालय से सर्जरी में स्नातक की डिग्री हासिल करने वाली डॉ. ईशानी ने नैनो मेडिसीन में एमएससी भी की है। बकौल डॉ. ईशानी, आयुर्वेद को दुनिया के सामने सरल भाषा में समझाने का सही समय है। ऑक्सफोर्ड में शिक्षा के दौरान यही प्रयास होगा कि शोधकर्ता और चिकित्सा वैज्ञानिक चिकित्सा की इस गूढ़ पद्धति का लोहा माने। आयुर्वेद चिकित्सा सामान्य से गंभीर तक हर बीमारी को ठीक करने का माद्दा रखती है। बस आयुर्वेद के अनुरूप शरीर की संरचना और उसके गहरे प्रभावों को समझना होगा।
डॉ. ईशानी ने बताया कि पुरानी बीमारियों का इलाज करना आयुर्वेद की ताकत में है, क्योंकि इस चिकित्सा पद्धति ने पुराने और असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों को पूर्णरूप से ठीक किया है। यदि उन केस स्टडीज को मजबूत ढंग से दुनिया के समक्ष रखा जाता तो यह चिकित्सा व्यवस्था सर्वमान्य होती, लेकिन देरी अभी भी नहीं हुई है।
पढ़ाई में शुरू से ही बेहद कुशाग्र रहीं डॉ. ईशानी ने स्नातक में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। नैनो चिकित्सा में परास्नातक करने वाली इस प्रतिभाशाली चिकित्सक ने बताया कि मानव शरीर में जैविक प्रक्रियाएं समान होती हैं। आयुर्वेद में नैनो दवाओं का विज्ञान विकसित किया जा चुका है। इसमें और अधिक गहराई में जाकर खोज करने की आवश्यकता है। इसके अलावा पीड़ित का उपचार इसमें पैथोलॉजी से बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
डॉ. ईशानी ने रसशास्त्र से मिले आयुर्वेद के सिद्धांतों को लेकर नैनो मेडिसन पर शोध किया। उन्होंने ऑक्सफोर्ड साउथ एशियन सोसाइटी, ऑस्ट्रेलिया में गत वर्ष हुए आयुर्वेद सम्मेलन समेत विभिन्न आयोजनों में आयुर्वेद को लेकर काफी बातचीत की। इतना ही नहीं, डॉ. ईशानी ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में कॉलेज संगोष्ठी शृंखला के दौरान आयुर्वेदिक नैनो दवाओं पर अपना शोध भी प्रस्तुत कर चुकी हैं।

