खल्लारी माता मंदिर की मान्यता
महासमुन्द से 25 किमी दक्षिण की ओर खल्लारी गांव की पहाड़ी के शीर्ष पर खल्लारी माता का मंदिर स्थित है। इस मंदिर को राजा ब्रम्हदेव के शासन काल में चौहदवीं शताब्दी में 1415 ईसवी में बनाया गया था प्रतिवर्ष क्वांर एवं चैत्र नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ इस दुर्गम पहाड़ी में दर्शन के लिये आती है। हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आये थे, जिसका प्रमाण भीम के विशाल पदचिन्ह हैं जो इस पहाड़ी पर स्पष्ट दिख रहे हैं । खल्लारी माता मंदिर परिसर और कोडार डैम का नजारा बहुत ही खूबसूरत नजर आता है |
इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि यहां पर महाबली भीम और राक्षसी हिडिंबा का विवाह संपन्न हुआ था, जिसके बाद यहां पर माता खल्लारी का मंदिर बनाया गया | माता खल्लारी का ये मंदिर छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले करीब 24 किलोमीटर दूरी पर स्थित है | प्राचीन काल में इस स्थान को खलवाटिका के नाम से जाना जाता था, यहाँ माता के दर्शन के लिए भक्तों को करीब 850 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है | मान्यता है कि महाभारत काल के दौरान यहां पर एक हिडिंब नाम का राक्षस रहता था और उसकी एक बहन हिड़िंबा भी थी| वहीं जब महाबली भीम एक बार इस जगह पर विश्राम करने आए तो हिंडिबा उन्हें देखकर मोहित हो गई, लेकिन तभी हिडिंब राक्षस और भीम के साथ युद्ध हो गया ,जिसमें राक्षस की मौत हो गई | इसके बाद माता कुंती के आदेश पर भीम ने राक्षसी हिंडिबा से विवाह किया। इस घटना के बाद से इस जगह को भीमखोज के नाम से भी जाना जाने लगा | इस मंदिर के अलावा यहां पर भीम चूल्हा, भीम की नाव स्थान भी मौजूद हैं| वहीं मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है, कि मंदिर के पास एक गुफा है जिसमें देवी माता की ऊंगली का निशान था, इसलिए मंदिर में भक्तों की गहरी आस्था है | वहीं स्थानीय जनश्रुतियों की मानें तो इस गांव में खल्लारी माता का निवास था | यहां माता कन्या का रूप धारण करके खल्लारी में लगने वाले हाट बाजार में आती थी | इसी दौरान मेले में आया एक बंजारा माता के रूप पर मोहित हो गया और उनका पीछे करते हुए पहाड़ी पर पहुंच गया| जिससे माता बुरी तरह से क्रोधित हो गई और उन्होंने बंजारे को श्राप देकर उसे पत्थर में परिवर्तित कर दिया और खुद भी वहां विराजमान हो गईं |

