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मुंबई के डॉक्टर का खाता किया था सीज, बॉम्बे हाई कोर्ट ने SEBI, BSE-NSE पर लगाया 80 लाख का जुर्माना, जानें पूरा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएसई-एनएसई और सेबी पर जुर्माना लगाया है। उन्होंने अवैध रूप से एक सीनियर सिटिजन डॉक्टर और उनके बेटे का डीमैट अकाउंट फ्रीज किया था। कोर्ट ने यह निर्णय देते हुए कहा कि इन निकायों ने निवेशकों के हितों की रक्षा में असफलता दिखाई। यह मामला 2017 का है।
मुंबई के डॉक्टर का खाता किया था सीज, बॉम्बे हाई कोर्ट ने SEBI, BSE-NSE पर लगाया 80 लाख का जुर्माना, जानें पूरा मामला

मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अवैध रूप से एक सीनियर सिटिजन डॉक्टर और उनके (एनआरआई) बेटे का डीमैट अकाउंट फ्रीज करने के लिए बीएसई-एनएसई और सेबी पर 80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों निकायों को मिलकर दो हफ्ते में जुर्माने की रकम भरनी होगी। बाप, बेटे और बेटे की अलग-अलग याचिका में यह आदेश जारी किया गया है।

कोर्ट ने कहा है कि इन तीनों वैधानिक निकायों को कानूनी रूप से निवेशकों के हितों की रक्षा का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन मौजूदा मामले में बीएसई-एनएसई और सेबी ने तय कानूनी आचरण के विपरीत काम किया है। इन निकायों की ऐसी विवादित कार्रवाई से उन निवेशकों का विश्वास हिलने की संभावना है, जो अप्रवासी भारतीय है। कोर्ट ने इस मामले में सेबी और बीएसई के वकील द्वारा इस निर्णय पर रोक लगाने के आग्रह को भी अस्वीकार कर दिया।

यह है मामला
कोर्ट ने यह टिप्पणी 23 मार्च 2017 को डॉक्टर के डीमैट अकाउंट को बंद करने के आदेश को रद्द करते हुए की है। साथ ही अकाउंट फ्रीज करने के कदम को अवैध घोषित किया है। अकाउंट फ्रीज करने की कार्रवाई के खिलाफ डॉक्टर और उनके बेटे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। दअरसल एक कंपनी द्वारा कथित रूप से सेबी के नियमों का पालन नहीं करने के लिए याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। 1989 में यह कंपनी गठित की गई थी। यह कंपनी याचिकाकर्ता के ससुर की थी। जिसका उनका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं था। वे इस कंपनी के साधारण शेयर धारक थे। कंपनी ने तिमाही वित्तीय नतीजे समय पर नहीं जमा किए थे, इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।