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मुंबई वालों मच्छरों से सावधान! डेंगू- मलेरिया के रोज आ रहे 40 और चिकनगुनिया के 6 केस

मुंबई में मॉनसूनी बीमारियों के मामलों में बढ़ोत्तरी देखी गई। बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, डेंगी, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़े हैं। साथ ही स्वाइन फ्लू और लेप्टोस्पायरोसिस के भी कई मरीज सामने आए हैं। लोगों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और मच्छर जनित रोगों से सावधान रहने की अपील की गई है।

मुंबई : अगस्त में मॉनसून भले ही सुस्त पड़ गया है, लेकिन मॉनसूनी बीमारी से ग्रसित होनेवालों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। डेंगी, मलेरिया, चिकनगुनिया, लेप्टो, स्वाइन फ्लू से सैकड़ों लोग ग्रसित हुए हैं। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 14 अगस्त के बीच प्रतिदिन डेंगी से 40 और मलेरिया से 40 लोग संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा चिकनगुनिया से भी 6 लोग संक्रमित हुए हैं।

बीएमसी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अगस्त के पहले 14 दिनों में साफ पानी में पनपने वाले एडीज मच्छर के काटने से 562 लोगों को डेंगी और 84 लोगों को चिकनगुनिया हुआ है। साफ पानी में पनपने वाले मलेरिया के मच्छर के काटने से 555 लोग भी संक्रमित हुए हैं। मच्छरों से सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत है।

लोगों से अपील
बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह ने बताया कि मुंबई में रुक-रुक कर हो रही बारिश से घर के आसपास कूड़े और भंगार में साफ पानी जमा होने की संभावना अधिक होती है। थोड़ा सा भी पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए पर्याप्त होता है। ऐसे में मच्छर जनित रोगों का खतरा अधिक है। लोगों को साफ सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है। घर में या सोसाइटी में वाटर स्टोरेज टैंक को अच्छे से ढंके ताकि मच्छर उसमें प्रजनन न कर सकें।

स्वाइन फ्लू के प्रति दिन 8 मरीज
मच्छर जनित रोग के अलावा स्वाइन फ्लू भी उफान पर है। अगस्त के पहले 14 दिनों में ही 119 लोग संक्रमित हो चुके हैं, यानी औसतन रोजाना 8 लोग स्वाइन से ग्रसित हो रहे हैं।

जुलाई की बारिश का असर
डॉ. दक्षा शाह ने बताया कि 1 से 14 अगस्त के बीच मुंबई में 172 लोग चौपाया जानवरों के संक्रमित मल मूत्र से होने वाली बीमारी लेप्टोस्पायरोसिस से संक्रमित पाए गए। यह मामले वो हैं जो जुलाई में हुई भारी बारिश में जल-जमाव वाले क्षेत्रों में से गए हैं। लेप्टो के संक्रमण को बढ़ाने के लिए 10 से 14 का दिन का समय लगता है। आनेवाले समय लेप्टो के मामले कम होने चाहिए क्योंकि अगस्त में भारी बारिश नहीं हुई है।

डेंगी के लक्षण
बुखार, सिर दर्द, थकान लगना, सांस लेने में कठिनाई, पेट में दर्द, स्किन रैश, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, प्लेटलेट्स गिरना

मलेरिया के लक्षण
बुखार, कंपकंपी, पसीना आना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जी मचलना और उल्टी

स्वाइन फ्लू के लक्षण
तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, गले में दर्द, खांसी-छींक आना, थकान-नाक बहना, उल्टी होना, सांस लेने में दिक्कत

चिकनगुनिया के लक्षण
बुखार और थकान लगना, जोड़ों में लगातार दर्द, सिर दर्द