मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण को BKC के 7 प्लॉट के लिए चाहिए किराएदार, 6000 करोड़ किराया
एमएमआरडीए ने मुंबई के बीकेसी में 7 प्लॉट्स को 80 वर्षों के लिए किराए पर देने का निर्णय लिया। इन प्लॉट्स का किराया 6 हजार करोड़ रुपये होगा। टेंडर के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 18 सितंबर है। इस पहल से एमएमआरडीए की आर्थिक तंगी को दूर करने की कोशिश की गई है।
मुंबई: एमएमआर समेत मुंबई में लाखों करोड़ रुपये का प्रॉजेक्ट चलाने वाले सरकारी संस्थान को किराएदार की तलाश की है। मुंबई के व्यवसायिक हब यानी बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के 7 प्लॉट को मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) किराए पर देना चाहता है। एमएमआरडीए 80 वर्ष के लिए ये प्लॉट किराए पर देना चाहता है। मुंबई के सबसे महंगे परिसर की ज़मीन किराए पर देने के लिए एमएमआरडीए ने करीब 6 हजार करोड़ रुपये का किराया तय किया है। बीकेसी के जी ब्लॉक के यह प्लॉट रेसिडेंशियल और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होंगे।
बीकेसी में देश और विदेश की कई कंपनी और बैंक के मुख्यालय हैं। रोजाना 3 से 4 लाख लोगों का बीकेसी में आना-जाना होता है। देश की हर नामी कंपनी यहां अपना मुख्यालय खोलना चाहती है।
बुलेट ट्रेन और मेट्रो से कनेक्टिविटी
परिसर की अहमियत को ध्यान में रखते हुए बीकेसी में बुलेट ट्रेन स्टेशन और मेट्रो लाइन तैयार की जा रही है। इतना ही नहीं, बुलेट ट्रेन और मेट्रो को कनेक्ट किया जा रहा है। एमएमआरडीए की कमाई का मुख्य स्रोत बीकेसी के ये प्लॉट हैं। बीकेसी के 7 प्लॉट को किराए पर देने के लिए एमएमआरडीए ने टेंडर जारी कर दिया है। देश में सबसे महंगे परिसर में ज़मीन किराए पर लेने के लिए लोग 18 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। संभावित किराएदारों को प्लॉट की जानकारी देने के लिए 14 सितंबर को एमएमआरडीए मुख्यालय में प्री बीड मीटिंग रखी गई है।
आर्थिक तंगी दूर करने की कोशिश
मौजूदा समय में एमएमआरडीए के 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रॉजेक्ट चल रहे हैं। वहीं आगामी कुछ महीने में ईस्टर्न फ्री वे का विस्तार और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के क्षेत्र में कई प्रॉजेक्ट्स एमएमआरडीए शुरू करने वाली है। प्रॉजेक्ट्स के लिए एमएमआरडीए को बैंक और विदेशी संस्थाओं से कर्ज लेना पड़ रहा है। एक साथ कई प्रॉजेक्ट्स शुरू होने से एमएमआरडीए को आर्थिक तंगी का सामने करना पड़ रहा है। इसीलिए, आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए एमएमआरडीए ने ये प्लॉट्स किराए पर देने की पहल की है।

