पुणे के ससून अस्पताल के डॉक्टर ने लावारिस अपंग मरीज को निर्जन स्थल पर छोड़ा, मामला दर्ज
मुंबई, 23 जुलाई । पुणे जिले के ससून अस्पताल के एक डॉक्टर ने लावारिस अपंग मरीज को सोमवार को तड़के विश्राम वाड़ी इलाके में स्थित सुनसान जगह पर छोड़ दिया था। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उस अपंग मरीज को सोमवार को ढ़ूढ़ कर फिर से ससून अस्पताल में भर्ती करवाया है और इस मामले की रिपोर्ट येरवड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई है। मामले की छानबीन येरवड़ा पुलिस की टीम कर रही है। इस घटना के बाद ससून अस्पताल के डॉक्टरों के रवैये को लेकर रोष व्याप्त है।
सामाजिक कार्यकर्ता दादासाहेब गायकवाड़ बेसहारा मरीजों की सेवा करते हैं। वह सड़क़ों पर बेसहारा पड़े घायल लोगों को ससून अस्पताल में भर्ती कराते हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह एक निराश्रित मरीज को इलाज के लिए ससून में भर्ती कराया था। अगले दिन जब वह मरीज को देखने गए तो वह मरीज अस्पताल में नहीं था। जब इस बारे में उन्होंने अस्पताल के मरीजों से पूछताछ की तो मरीजों ने बताया गया कि उसे डॉक्टर ले गए थे लेकिन वापस नहीं लाए।
इसके बाद शक होने पर उन्होंने रितेश गायकवाड़ के साथ मिलकर अस्पताल के बाहर निगरानी शुरू कर दी। सोमवार को तड़के 1.30 बजे रितेश गायकवाड़ अस्पताल के बाहर रिक्शा लेकर खड़ा था। उसी समय ससून अस्पताल के डॉ. आदि एक कर्मचारी एक अपंग मरीज जिसके दोनों पैर नहीं थे, हाथ में सुई थी और जगह-जगह से चोट लगी थी, उसे उनके रिक्शा में बिठाया। रिक्शा से मरीज को लेकर डॉक्टर और उनके सहयोगी विश्रांतवाड़ी में एक घने बरगद के पेड़ के पास पहुँचे। डॉक्टर ने मरीज को अंधेरे और बारिश में पेड़ के नीचे छोड़ दिया।
इसके बाद रितेश ने इसकी जानकारी पुलिस को दी और दादा साहब गायकवाड़ की मदद से मरीज को सोमवार को दिन फिर से इलाज के लिए ससून अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसकी शिकायत येरवड़ा पुलिस स्टेशन में सोमवार को देर रात दर्ज की गई है और मामले की छानबीन जारी है।

