मुंबई के एनजी आचार्य और डीके मराठे कॉलेज में हिजाब पर रोक, 9 छात्राओं ने बॉम्बे हाई कोर्ट में की याचिका
मुंबई में 9 छात्राओं ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख कर अपने कॉलेज प्रशासन के कक्षा में हिजाब, बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश को चुनौती दी है। याचिका में छात्राओं ने कहा कि चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी के एनजी आचार्य और डीके मराठे कॉलेज का प्रतिबंध मनमाना है।
मुंबई : एनजी आचार्य और डीके मराठे कॉलेज मुंबई के नौ स्टूडेंट्स ने हाल ही में
लागू किए गए ड्रेस कोड के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।
याचिका में दावा किया गया है कि कालेज द्वारा लागू किया गया ड्रेस कोड
उनकी गरिमा, निजता और धार्मिक स्वतंत्रता के मिले मौलिक अधिकारों का
उल्लंघन करता है, इसलिए ड्रेस कोड की आड़ में नकाब व हिजाब पर रोक
लगानेवाली सूचना को रद्द कर दिया जाए। याचिका पर सुनवाई पूरी होने तक
ड्रेस कोड पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में छात्राओं ने दावा किया
है कि वे कई वर्षों से कालेज में नकाब और हिजाब पहन रही हैं। हाल ही में कॉलेज
की वेबसाइट पर स्टूडेंट्स के लिए एक सूचना लिखी गई है। यह सूचना वाट्सऐप पर
भी भेजी गई है, जिसमें एक ड्रेस कोड अनिवार्य किया गया है, जो स्पष्ट रूप से नकाब,
हिजाब, बुरका, टोपी, पहनने पर रोक लगाता है। ऐडवोकेट अल्ताफ खान के माध्यम
से दायर याचिका पर 19 जून को सुनवाई हो सकती है।
‘पोशाक से जुड़ी रोक मनमानीपूर्ण’
याचिका में कहा गया है कि कालेज में सालाना कार्यक्रम के दौरान पूजा और अन्य कार्यक्रम रखे जाते हैं। इस पर हमें(याचिकाकर्ता) कोई आपत्ति नहीं होती है। वेबसाइट की नोटिस साफ तौर से स्टूडेंट को ऐसे ड्रेसकोड का पालन करने को कहा गया है, जो धार्मिक जुड़ाव को व्यक्त न करता हो। याचिका के अनुसार, कालेज में बिंदी, टीका, धार्मिक धागे पहनकर आने की अनुमति है। ऐसे में केवल चुनिंदा लोगों के लिए ड्रेस कोड के संबंध में कालेज की ओर से जारी निर्देश अनुचित, भेदभाव और मनमानीपूर्ण है।
अथॉरिटी ने नहीं दिया जवाब
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में चांसलर, मुंबई यूनिवर्सिटी
के वाइस चांसलर, यूजीसी, उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्रालय को निवेदन भेजकर
हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन किसी अथॉरिटी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है।
अथॉरिटी से हस्तक्षेप करने के अनुरोध के सारे प्रयास विफल साबित हुए है, इसलिए कोर्ट
में याचिका दायर की गई है |

