महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी में 44 सीटों पर बनी बात, जानें भिवंडी और सांगली समेत किन 4 सीट पर फंस रहा पेच
महाराष्ट्र लोकसभा चुनाव के लिए एमवीए ने 44 सीटों पर बात फाइनल कर ली है। भिवंडी लोकसभा सीट शरद पवार मांग रहे हैं जबकि इस सीट पर 35 सालों से कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है। कांग्रेस यह सीट चाहती है। उद्धव ठाकरे ने सांगली से अपना प्रत्याशी उतार दिया है।
मुंबईः हफ्तों की अनिश्चितता के बाद आखिर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 44 पर समझौते को अंतिम रूप दिया है। हालांकि अभी 4 सीटों पर अब भी पेच फंसा है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि कांग्रेस, एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के बीच ये चारों सीटें फंसी हैं। महाराष्ट्र की यह चार सीटें मुंबई दक्षिण-मध्य, मुंबई उत्तर-पश्चिम, भिवंडी और सांगली है, जहां अभी भी विवाद है। एक कांग्रेस नेता ने बताया कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और कांग्रेस विधायक दल के नेता बालासाहेब थोराट की एक के बाद एक कई बैठकें हुईं, जिसके बाद 44 सीटों पर फैसला लिया जा सका।
सीट बंटवारे के फॉर्म्युले के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) 19 निर्वाचन क्षेत्रों से, कांग्रेस 16 से और एनसीपी 9 सीटें से चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी चार विवादास्पद सीटों पर शरद पवार और ठाकरे से बात करेंगे।
इन सीटों पर विवाद
कांग्रेस नेता ने कहा कि इन सीटों पर आम सहमति की कमी के कारण एमवीए सौदे को पूरी तरह से सील नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुंबई दक्षिण मध्य, उत्तर-पश्चिम, भिवंडी और सांगली से चुनाव लड़ने पर जोर दे रही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने स्पष्ट कर दिया है कि सांगली पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिवसेना (यूबीटी) ने वास्तव में आगे बढ़कर पहलवान चंद्रहर पाटिल को सांगली से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
भिवंडी पर अड़े शरद पवार
शरद पवार भिवंडी को छोड़ने से इनकार कर रहे हैं। नेता ने बताया कि ठाकरे ने तर्क दिया है कि पश्चिमी महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) की उपस्थिति बहुत कमजोर है। इसलिए, वह सांगली रखने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही कोल्हापुर कांग्रेस को दे दिया है, जहां शाहू छत्रपति इसके उम्मीदवार होंगे।
शिवसेना ने दिया प्रत्याशियों को इशारा
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि हालांकि उनकी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों (पाटिल को छोड़कर) के नामों की घोषणा नहीं की है, लेकिन सभी संबंधित उम्मीदवारों को संदेश भेजे गए हैं कि उन्हें तुरंत चुनाव की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पहले ही अपने अभियान शुरू कर चुके हैं।
किस फॉर्म्युले पर बनी बात?
कांग्रेस नेता ने कहा कि एआईसीसी जल्द से जल्द विवाद का निपटारा करना चाहती है, कुछ समझौते करना चाहती है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एमवीए राज्य में अधिकतम सीटें जीते। उन्होंने कहा कि एआईसीसी के हस्तक्षेप के बाद शिवसेना (यूबीटी) को 21, कांग्रेस को 17 और शरद पवार की एनसीपी को 10 सीटें मिलने की उम्मीद है।

