नए प्रयोग कर मध्य रेलवे बचा रही है हजारों लीटर डीजल, जानें मुंबई डिविजन ने ऐसा क्या किया
मुंबई: मध्य रेलवे द्वारा पिछले कुछ वक्त से लगातार प्रयोग कर पुराने ढर्रे को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका एक उदाहरण दिवा स्टेशन है, जहां 17 अगस्त, 2023 से कोई दुर्घटना नहीं हुई, जबकि इस स्टेशन पर हर महीने औसतन 5 लोगों की मौत पटरी पार करने से होती थी। यहां एफओबी से अप-डाउन दिशा में एस्केलेटर्स लगाकर दुर्घटनाओं का सिलसिला रोक दिया। दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के बाद अब पर्यावरण अनुकूल योजनाएं चलाकर समय की भी बचत की जा रही है। पेट्रोलियम कंपनियों से हाथ मिलाकर मुंबई डिविजन हजारों लीटर डीजल और रोजाना कुछ घंटों का समय भी बचा रही है।
पटरियों पर मरम्मत करने वाले टावर वैगन जैसे वाहन डीजल पर चलते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बिजली प्रवाहित करने वाले तारों को ठीक करने के लिए जिस सेक्शन में खराबी हो, वहां पावर कट कर टावर वैगन भेजा जाता है।
इस तरह हो रही बचत
बिजली नहीं होने के कारण वैगन डीजल से ऑपरेट होते हैं। इन वैगन को डीजल की रीफिलिंग के लिए अब तक कल्याण, कुर्ला या सीएसएमटी तक आना पड़ता था। यदि किसी वैगन को ढाई हजार लीटर की जरूरत होती थी, तो आवाजाही में ही करीब 250 लीटर डीजल खर्च हो जाता था। अब मध्य रेलवे मुंबई डिविजन ने पेट्रोलियम कंपनियों से अनुबंध कर ऑन द स्पॉट डीजल डिस्पेंसर भेजने की शुरुआत की है। इससे महीनेभर में हजारों लीटर तेल की बचत हो रही है। पर्यावरण अनुकूल निर्णय लेने से पैसों और वक्त की भी बचत हुई है।

