25 हजारा करोड़ का निवेश, 40,000 लोगों को रोजगार, जानें नई निर्यात नीति से होंगे महाराष्ट्र को क्या फायदे
मुंबई : राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कारोबार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने निर्यात प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी है। इससे राज्य में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश और 40 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। कपड़ा नीति में भी सुधार किया गया है, ताकि राज्य में निवेश बढ़ाया जा सके। बारामती में श्वान प्रशिक्षण केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है। विदर्भ में 5 संतरा प्रक्रिया केंद्र बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही कैबिनेट ने नरीमन पॉइंट की शानदार एयर इंडिया बिल्डिंग की खरीदी पर मुहर लगा दी है। फिलहाल राज्य का निर्यात 72 अरब डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 150 अरब डॉलर करने का लक्ष्य राज्य सरकार ने रखा है। इसके लिए मंत्रिमंडल ने निर्यात प्रोत्साहन नीति मंजूर की है। सरकार को उम्मीद है कि इससे राज्य में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 40,000 नए रोजगार पैदा होंगे। यह नीति 2027-28 तक के लिए लागू की जाएगी। इसका लाभ राज्य में करीब 5 हजार एमएसएमई तथा बड़े उद्योगों को मिलेगा। इस नीति में निर्यातोन्मुखी विशिष्ट परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत परियोजना लागत के 50 करोड़ रुपये की सीमा के भीतर बुनियादी ढांचे के कार्यों और निर्यातोन्मुख औद्योगिक पार्कों के लिए 100 करोड़ रुपये की सीमा के भीतर वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही निर्यात योग्य एमएसएमई को बीमा कवर, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रोत्साहन सब्सिडी दी जाएगी।
मई में राज्य सरकार ने नई कपड़ा उद्योग नीति की घोषणा की थी। नई नीति से 5 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इस नीति में कपड़ा उद्योग इकाइयों और संगठनों ने कई सारे सुझाव दिए थे, जिसके बाद नीति में बदलाव किया गया। नंदुरबार जिले को जोन तीन से जोन दो में कर दिया गया है। कपड़े की बड़ी परियोजनाओं का दर्जा बढ़ाने और उसे प्रोत्साहन देने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने दी है।
राज्य सरकार की होगी एयर इंडिया बिल्डिंग
नरीमन पॉइंट की शानदार एयर इंडिया बिल्डिंग को राज्य सरकार 1601 करोड़ रुपये में खरीदेगी। इसे देखते हुए कैबिनेट ने एयर इंडिया की सभी अनर्जित आय (डूबी आय) और अन्य जुर्माने को माफ करने का निर्णय लिया है। 22 मंजिला बिल्डिंग में 46,470 वर्ग मीटर जगह है। इससे पहले भी महाविकास आघाडी सरकार ने एयर इंडिया बिल्डिंग को खरीदने के लिए 1400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार के सामने रखा था, लेकिन उस वक्त 2,000 करोड़ की मांग की गई थी, जिससे बात नहीं बन सकी।
एयर इंडिया ने 2018 में 22 मंजिला इमारत की बिक्री के लिए टेंडर भी आमंत्रित किए, लेकिन उन्हें ज्यादा प्रतिसाद नहीं मिला। अब शिंदे सरकार ने खरीदने का मन बनाया है। इस सिलसिले में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 1970 में एयर इंडिया को 99 साल की लीज पर जमीन दी थी। एयर इंडिया ने फरवरी, 2013 में अपने कॉर्पोरेट कार्यालय को नई दिल्ली शिफ्ट कर दिया था।

