Mumbai

महाराष्ट्र में ओबीसी आरक्षण की बैठक में भिड़े अजित पवार और छगन भुजबल, जमकर नोकझोंक

मुंबई: ओबीसी आरक्षण को लेकर सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनकी ही पार्टी के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बेहद गहमागहमी के बीच हुई इस बैठक में ओबीसी समाज ने मराठा कुनबी को ओबीसी में शामिल करने का भारी विरोध किया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ओबीसी समुदायों के आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समुदाय को आरक्षण देना सरकार की भूमिका है। इन दिनों महाराष्ट्र की राजनीति मराठा, धनगर और ओबीसी के आरक्षण को लेकर गरमाई है। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन खत्म करने वाले मनोज जरांगे पाटील की मांग है कि मराठों को तुरंत कुनबी प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए, जिसका ओबीसी समाज राज्यभर में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। इन मुद्दों को लेकर शुक्रवार को ओबीसी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री छगन भुजबल समेत कई महत्वपूर्ण मंत्री और नेता मौजूद थे।

ओबीसी के आंकड़े खारिज

बैठक में ओबीसी से संबंधित आंकड़े रखे गए, जिसे गैर ओबीसी नेताओं ने सिरे से खारिज कर दिया। आंकड़े को लेकर बैठक में खूब नोकझोंक हुई। बैठक में छगन भुजबल ने मंत्रालय में कार्यरत ओबीसी समुदाय के अधिकारियों और कर्मचारियों के आंकड़े पेश किए। भुजबल ने कहा कि ओबीसी के साथ अन्याय हो रहा है। भुजबल के इस आंकड़े पर अजित पवार ने आपत्ति जताई। पवार ने कहा कि अगर यह जानकारी सही है तो भुजबल को इसका सबूत दिखाना चाहिए। इस पर एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगाए।

ओबीसी को सरकार का आश्वासन

बैठक में शामिल ओबीसी नेताओं ने कहा कि मराठा समुदाय को कुनबी सर्टिफिकेट नहीं दिया जाए। इस संबंध में सरकार तत्काल आदेश निकाले। सरकार ने कहा है कि संबंधित प्रमाणपत्र उन्हीं को दिया जाएगा, जिनके पुराने दस्तावेजों में कुनबी का जिक्र है। इस पर भी ओबीसी नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की।

उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ओबीसी समाज के लिए राज्य सरकार 4,000 करोड़ रुपये की योजना चला रही है। केंद्र सरकार ने भी ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का फैसला किया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेडिकल प्रवेश में ओबीसी के विद्यार्थियों को आरक्षण देने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने आश्वासन दिया कि किसी भी समाज के आरक्षण को प्रभावित नहीं किया जाएगा।