मराठवाडा में महाराष्ट्र कैबिनेट की विशेष बैठक आज, किसानों को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला
मुंबई : मराठवाडा स्वतंत्रता संग्राम की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने और इनका समाधान खोजने के लिए 16 सितंबर को औरंगाबाद में एक विशेष कैबिनेट (मंत्रिमंडल) बैठक बुलाई गई है। इसके लिए राज्य के सभी मंत्रियों समेत, तमाम वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासन का पूरा कुनबा आज औरंगाबाद में जमा हो रहा है। भारतीय सेना ने मराठवाडा को 17 सितंबर, 1948 को हैदराबाद निज़ाम के शासन से मुक्त कराया था। अब इसमें औरंगाबाद, नांदेड, लातूर, जालना, बीड, परभणी, उस्मानाबाद और हिंगोली जिले शामिल हैं। औरंगाबाद में मंत्रिमंडल की बैठक में मराठावाडा के विकास से जुड़े तमाम मुद्दों पर बातचीत होगी। इससे पहले 2016 में मराठावाडा की समस्यओं को लेकर औरंगाबाद में मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी, जबकि 2008 में जब विलासराव देशमुख मुख्यमंत्री थे, तब एक बार मंत्रिमंडल की बैठक मराठवाडा में हुई थी। यानी 16 सालों में मंत्रिमंडल की सिर्फ दो बैठकें ही मराठवाडा में हुई हैं, जबकि यह क्षेत्र हमेशा से सूखा और किसान आत्महत्याओं को लेकर चर्चा में रहा है।
49,020 करोड़ के पैकेज पर मांगा जबाव
मंत्रिमंडल की बैठक से पहले विपक्षी नेताओं ने मराठवाडा के वास्ते पूर्व में किए वादों पर सरकार से जवाब मांगा है। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता और विधान परिषद में नेता विपक्ष अंबादास दानवे ने कहा कि औरंगाबाद में 2016 में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे। तब उन्होंने मराठवाडा के लिए 49,020 करोड़ रुपये के विकास पैकेज की घोषणा की थी। दानवे ने कहा, ‘फडणवीस इस सरकार में सुपर मुख्यमंत्री है, उन्हें मराठवाडा की जनता को बताना चाहिए कि उन घोषणाओं का क्या हुआ?’
“मराठवाडा के लिए पहले भी वादे किए गए, लेकिन मौजूदा सरकार ने पिछले डेढ़ साल में झूठे आश्वासन के अलावा कोई काम नहीं किया है।

