संपत्तिकर न चुकाना पड़ रहा भारी, सीलिंग के साथ बैंक खाते भी फ्रीज
नई दिल्ली,। देश की राजधानी में नगर निगम ने संपत्तिकर न चुकाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। अब बकायेदारों की संपत्ति सील करने से लेकर उनके बैंक खाते भी फ्रीज किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बकायेदारों से संपत्तिकर वसूलना है। तमाम अवसर दिए जाने के बाद भी संपत्तिकर न चुकाने वाली 150 से ज्यादा संपत्तियों को निगम ने सील कर दिया है। साथ ही आने वाले समय में यह अभियान और भी तेज होगा।
जिन लोगों की संपत्तियों को सील किया गया है उन पर 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया था। नोटिस व व्यक्तिगत सुनवाई के कई अवसर इन संपत्तिकर बकायेदारों को दिए गए थे। निगम के अनुसार फिलहाल तो व्यावसायिक संपत्तियों को सील किया जा रहा है। अब निगम उन रिहायशी बकायेदारों की तरफ भी बढ़ेगा, जो आदतन निगम को संपत्तिकर जमा नहीं कर रहे हैं।
दिल्ली नगर निगम के अनुसार निगम ने वित्त वर्ष 2022-23 में समृद्धि योजना लागू की थी। इसमें रिहायशी से लेकर व्यावसायिक संपत्ति धारकों को छह-सात वर्ष का संपत्तिकर बिना ब्याज और जुर्माने के चुकाने पर पुराना माफ करने के लिए कहा गया था। इसमें ऐसे लोग भी शामिल हो सकते थे, जिनको निगम की ओर से नोटिस मिल चुका है या फिर कोर्ट में मामला लंबित है।

