वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने पूर्वी नौसेना की कमान संभाली
नई दिल्ली, 01 अगस्त । वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने मंगलवार को नौसेना बेस पर आयोजित एक प्रभावशाली औपचारिक परेड में पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। पेंढारकर ने सेरेमोनियल गार्ड का निरीक्षण किया और ईएनसी के विभिन्न जहाजों और कर्मियों की प्लाटून की समीक्षा की। समारोह में जहाजों, पनडुब्बियों और प्रतिष्ठानों के सभी ध्वज अधिकारियों और कमांडिंग अधिकारियों ने भाग लिया।
नौसेना कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक जनवरी, 1987 में भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त वाइस एडमिरल पेंढारकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नेवल वॉर कॉलेज, करंजा और नेवल कमांड कॉलेज, न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड, यूएसए से स्नातक हैं। उनके पास रक्षा और सामरिक अध्ययन में मास्टर डिग्री है। पनडुब्बी रोधी युद्ध विशेषज्ञ वाइस एडमिरल ने 36 वर्षों से अधिक के अपने विशिष्ट करियर के दौरान विभिन्न ऑपरेशनल, स्टाफ और कमांड नियुक्तियों पर काम किया है।
उन्होंने मिसाइल कार्वेट आईएनएस कोरा, स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस शिवालिक और एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विराट सहित तीन फ्रंटलाइन जहाजों की कमान संभाली है। उनकी महत्वपूर्ण स्टाफ नियुक्तियों में स्टाफ आवश्यकता निदेशालय और कार्मिक निदेशालय में संयुक्त निदेशक, नेट-सेंट्रिक संचालन निदेशालय और कार्मिक निदेशालय में प्रधान निदेशक शामिल हैं। रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नति पर उन्हें मुख्यालय आईडीएस, नई दिल्ली में एकीकृत रक्षा स्टाफ के सहायक प्रमुख और पश्चिमी नौसेना कमान के मुख्यालय में मुख्य कर्मचारी अधिकारी (संचालन) के रूप में नियुक्त किया गया था।
इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में नियुक्ति प्राप्त की और उसके बाद फ्लैग ऑफिसर समुद्री प्रशिक्षण प्राप्त किया। ईएनसी की कमान संभालने से पहले वह आईएचक्यूएमओडी (नौसेना) में महानिदेशक नौसेना संचालन और नई दिल्ली में एकीकृत रक्षा स्टाफ (संचालन) के उप प्रमुख के कर्तव्यों का पालन कर रहे थे। ध्वज अधिकारी को विशिष्ट सेवा के लिए अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक मिल चुका है।

