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पहला उभयचर परागणकर्ता

मिल्क ट्री के मलाईदार फल और मकरंद से भरपूर फूल ब्राज़ील के मूल निवासी मेंढक ज़िनोहायला ट्रंकेटा के प्रिय हैं। गर्म रातों में, इनके फलों को खाने और मकरंद के लिए भूरे रंग के ये मेंढक बड़ी संख्या में इन पौधों पर टूट पड़ते हैं। फूलों का मकरंद पीते हुए ये एकदम फूल के अंदर चले जाते हैं, सिर्फ इनके पिछले पैरों वाला हिस्सा बाहर से दिखाई देता है। इस दौरान चिपचिपे परागकण इनके शरीर से चिपक जाते हैं।

फूड वेब्स पत्रिका में शोधकर्ताओं ने संभावना जताई है कि इस तरह ये मेंढक जाने-अनजाने इन पौधों को परागित भी कर देते होंगे। युनिवर्सिटी ऑफ कैम्पिनास के लुईस फिलिप टोलेडो और उनके साथियों ने बताया है कि पहली बार किसी मेंढक को, या यू कहें कि किसी उभयचर को, किसी पौधे का परागण करते देखा गया है।

आम तौर पर केवल कीटों और पक्षियों को ही परागणकर्ता के रूप में देखा जाता था। लेकिन पिछले कुछ अध्ययनों में कुछ सरीसृप और स्तनधारी भी यह काम करते देखे गए हैं। और अब इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने परागणकर्ता के रूप में उभयचर की संभावना जताई है। इसकी पुष्टि के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।