कभी विलुप्त नहीं हो सकती है भारतीय संस्कृति, जय श्री राम : अनूप जलोटा
बेगूसराय, 13 मई । भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा ने कहा है कि लोगों के अंदर संगीत के प्रति प्रेम है। हम जगह-जगह जाकर गांव और शहर की संगीत प्रतिभा को सामने लाने का अभियान चला रहे हैं।
शुक्रवार की रात राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के गांव सिमरिया में भजन संध्या प्रस्तुत करने आए अनूप जलोटा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पूरे देश के गांव-गांव, शहर-शहर में छुपी प्रतिभा को सामने ला रहे हैं।
बिहार में भी हमने यह अभियान शुरू कर दिया है। बेगूसराय में रंजीत भारती अच्छा संगीत प्रस्तुत कर रहे हैं। इनका गाना सुनकर लगता है कि मेरी आवाज है। कल गाजीपुर कार्यक्रम प्रस्तुत करने जा रहे हैं। वहां राम रमैया कार्यक्रम में स्थानीय गायकों को प्रस्तुत करेंगे।
गोरखपुर में हमने छुपी हुई आठ प्रतिभा को चुना है। हमारा संगीत तो लोगों ने 40-45 साल सुना। अब प्रतिभावान को सामने लाना हमारा फर्ज है। वह भी नाम और शोहरत कमाएं। संगीत प्रेमी बढ़ रहे हैं, गायक की अच्छी और अगली पीढ़ी सामने आएगी तो हमारा संगीत निरंतर बढ़ते रहेगा।
अनूप जलोटा ने कहा कि कृष्ण पर बहुत ज्यादा गाया जा सकता है। आप उन्हें चोर कह सकते हो। लेकिन राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उनको कुछ नहीं कह सकते, उनके गाने पर नृत्य नहीं कर सकते। जबकि कृष्ण के साथ नृत्य कर सकते हैं। उन्हें माखनचोर कह सकते हैं, उन्हें रण छोड़ कह सकते हैं। लेकिन राम के लिए तो बस जय श्रीराम।
उन्होंने कहा कि कहीं-कहीं पश्चिम संस्कृति हावी रहा है। लेकिन आज भी भारतीय संगीत और भजन प्रेमी सभी उम्र के हैं, युवा भी हैं तो बुजुर्ग भी हैं। हमारी संस्कृति बहुत प्रभावशाली है, यह कभी विलुप्त तो हो नहीं सकता। हम विश्व किसी देश में कार्यक्रम प्रस्तुत करने जाते हैं तो वहां भी हिंदी में ही गाते हैं, बस लोगों को अच्छे तरीके से समझा देते हैं।
अनूप जलोटा ने कहा कि बचपन से स्टेज करते रहे हैं। स्कूल और कॉलेज लाइफ में स्टेज पर अच्छी प्रस्तुति देते थे। आज भी अच्छा लगने पर स्टेज करते हैं। प्रस्ताव आने पर अच्छा लगता है तो एक्टिंग कर लेते हैं। आने वाले दिनों में हमारी काफी फिल्म और वेब सीरीज देखने को मिलेगी।

